यूपी में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए शासन ने मंगलवार को नई कोरोना गाइडलाइन जारी की है। प्रमुख सचिव स्वास्थ्य पार्थ सारथी सेन शर्मा ने प्रदेश के सभी जिलों के जिलाधिकारी, सीएमओ और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को कोरोना संक्रमण की जांच, टेस्टिंग और बचाव के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भेजे हैं।

प्रमुख सचिव ने केजीएमयू, एसजीपीजीआई, लोहिया इंस्टिट्यूट सहित बड़े चिकित्सा संस्थानों के प्रमुखों को भी कोरोना मरीजों से जुड़ी एडवाइजरी दी है। निर्देशों के तहत कोरोना के 25 से कम CT वैल्यू वाले सभी पॉजिटिव सैंपल की जीनोम सीक्वेंसिंग करवाने का आदेश दिया गया है ताकि संक्रमण के स्वरूप की बेहतर समझ बनाई जा सके।
कोरोना गाइडलाइन के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
• प्रदेश के सभी जिला और ब्लॉक स्तर के अस्पतालों व चिकित्सा केंद्रों में कोरोना मरीजों के इलाज के लिए दवाइयों, पीपीई किट, जांच सुविधाओं, आइसोलेशन बेड, मेडिकल ऑक्सीजन, ICU और वेंटिलेटर की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। इसके साथ ही अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट की कार्यप्रणाली की जांच के लिए मॉक ड्रिल आयोजित कर कमियों को तुरंत दुरुस्त करने का निर्देश दिया गया है।
• SARI (सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी इंफेक्शन) से पीड़ित सभी मरीजों और ILI (इन्फ्लुएंजा लाइक इलनेस) के 5% रोगियों में कोविड-19 की जांच अनिवार्य रूप से कराई जाए।

• कोविड पॉजिटिव मरीजों की RT-PCR रिपोर्ट में CT वैल्यू 25 से कम होने पर उनके सैंपल केजीएमयू के माइक्रोबायोलॉजी विभाग को जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजे जाएंगे।
• जनपदीय सर्विलांस यूनिट द्वारा ILI और SARI के मरीजों की लगातार निगरानी रखी जाएगी।
• कोविड जांच से संबंधित सभी डेटा को यूनिफाइड डिजीज सर्विलांस पोर्टल (UDSP) पर नियमित रूप से अपडेट किया जाना जरूरी होगा।
• जिन जिलों में कोरोना संक्रमण की संख्या अधिक है, वहां मास्क पहनने, हाथों की सफाई और कफ एटिकेट्स का कड़ाई से पालन कराया जाएगा और जनता में जागरूकता अभियान चलाकर संक्रमण रोकने के प्रयास तेज किए जाएंगे।