नई दिल्ली/श्रीनगर। भारतीय थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में पाकिस्तान और चीन को कड़ा संदेश देते हुए देश की सैन्य शक्ति और भावी रणनीति का खाका पेश किया। जनरल द्विवेदी ने स्पष्ट किया कि 'ऑपरेशन सिंदूर' अभी खत्म नहीं हुआ है, बल्कि यह भारत की उस नई सैन्य नीति का हिस्सा है जहाँ अब रक्षात्मक होने के बजाय 'प्रो-एक्टिव' होकर जवाब दिया जाता है।
ड्रोन की 'टोह' और आतंकियों के 8 ठिकाने
बॉर्डर पर बढ़ती ड्रोन गतिविधियों पर आर्मी चीफ ने कहा कि पिछले तीन दिनों में LoC के पास छोटे 'रक्षात्मक' ड्रोन देखे गए हैं। ये ड्रोन भारत की मुस्तैदी को जांचने के लिए पाकिस्तान द्वारा भेजे जा रहे हैं। उन्होंने खुलासा किया कि सीमा पार अभी भी 8 आतंकी कैंप सक्रिय हैं, जहाँ ट्रेनिंग चल रही है। जनरल द्विवेदी ने चेतावनी दी कि भारत की नजर इन ठिकानों पर है और दुश्मन की एक भी चूक पर सेना 'कठोर और निर्णायक' एक्शन लेगी।
ऑपरेशन सिंदूर: जब 22 मिनट में बदल गया इतिहास
आर्मी चीफ ने पहली बार इस ऑपरेशन की बारीकियों को साझा करते हुए बताया कि कैसे थलसेना, वायुसेना और नौसेना के अद्भुत तालमेल ने पाकिस्तान के रणनीतिक अहंकार को तोड़ दिया।
- 7 मई: महज 22 मिनट की शुरुआती स्ट्राइक ने दुश्मन को हिला दिया।
- 88 घंटे: 10 मई तक चले इस अभियान ने आतंकियों के 9 में से 7 अड्डों को मलबे में तब्दील कर दिया।
- नुकसान: इस दौरान करीब 100 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए। इस ऑपरेशन ने पाकिस्तान की उस पुरानी रणनीति को भी ध्वस्त कर दिया जिसमें वह परमाणु हमले की धमकी देकर भारत को डराया करता था।
कश्मीर में 'महादेव' का न्याय और बदलती तस्वीर
जनरल द्विवेदी ने बताया कि साल 2025 आतंक के अंत का साल रहा है। 'ऑपरेशन महादेव' के जरिए पहलगाम हमले के मास्टरमाइंड समेत 31 आतंकवादियों को ढेर किया गया है। उन्होंने कहा कि आज जम्मू-कश्मीर में बंदूक की जगह पर्यटन ने ले ली है। इस साल 4 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने अमरनाथ यात्रा की, जो पिछले पांच सालों का रिकॉर्ड है। स्थानीय युवाओं में आतंक की भर्ती अब लगभग 'शून्य' हो चुकी है।
चीन-पाक समझौते को बताया 'अवैध'
चीन और पाकिस्तान के बीच हुए 1963 के सीमा समझौते पर प्रहार करते हुए जनरल द्विवेदी ने कहा कि भारत शक्सगाम घाटी को अपना अभिन्न हिस्सा मानता है। उन्होंने CPEC (चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा) को भी दोनों देशों की अवैध गतिविधि करार देते हुए कहा कि भारत अपनी संप्रभुता से कोई समझौता नहीं करेगा।