आम आदमी को बड़ी राहत: यूपी में इलाज हुआ और किफायती, BP, शुगर समेत जन औषधि केंद्रों पर कई दवाओं के दाम गिरे, देखें नई रेट लिस्ट

https://admin.thefrontfaceindia.in/uploads/887124647_IMG-20260121-WA0056.jpg

लखनऊ उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं पर निर्भर लाखों मरीजों के लिए एक बेहद सुकून देने वाली खबर आई है। महंगाई के इस दौर में, जहां इलाज का खर्च आम आदमी की जेब पर भारी पड़ता है, वहीं यूपी सरकार के जन औषधि केंद्रों ने 'राहत का डबल डोज' दिया है। राजधानी लखनऊ समेत पूरे प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में संचालित प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्रों पर जीवन रक्षक दवाएं अब पहले से भी कम दाम पर उपलब्ध होने लगी हैं।

 

जीएसटी कटौती का सीधा फायदा अब जनता को

 

दरअसल, सरकार ने जन औषधि केंद्रों पर मिलने वाली दवाओं पर जीएसटी (GST) की दर को 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया था। हालांकि, पुराने स्टॉक के कारण मरीजों को इसका लाभ तुरंत नहीं मिल पा रहा था। लेकिन अब जन औषधि केंद्रों पर दवाओं की जो नई खेप (New Stock) पहुंची है, उस पर नए और घटे हुए 'प्रिंट रेट' अंकित हैं।

 

केंद्र प्रभारियों के अनुसार, नई आपूर्ति में लगभग हर दवा के पत्ते (strip) पर 2 से लेकर 5 रुपये तक की कमी आई है। सुनने में यह राशि छोटी लग सकती है, लेकिन उन मरीजों के लिए यह बहुत बड़ी बचत है जिन्हें बीपी या शुगर जैसी बीमारियों के लिए साल भर दवा खानी पड़ती है।

 

बाजार से 70% तक सस्ती दवाएं

 

महत्वपूर्ण बात यह है कि जन औषधि केंद्र पहले से ही ब्रांडेड दवाओं के मुकाबले जेनरिक दवाएं 40 से 70 फीसदी सस्ती दरों पर उपलब्ध करा रहे थे। अब नए प्रिंट रेट में और कमी आने से यह 'सोने पर सुहागा' साबित हो रहा है।

 

लखनऊ के प्रमुख सरकारी अस्पतालों जैसे बलरामपुर हॉस्पिटल, सिविल अस्पताल, लोकबंधु, रानीलक्ष्मीबाई, बीआरडी महानगर और लोहिया संस्थान में स्थित केंद्रों पर यह नई दरें लागू हो चुकी हैं।

 

किन मरीजों को होगा सबसे ज्यादा फायदा?

 

ताजा कटौती का सबसे ज्यादा लाभ उन मरीजों को मिलेगा जो 'लाइफस्टाइल डिसीज' यानी जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों से जूझ रहे हैं।

 

·         मधुमेह (Diabetes)

·         रक्तचाप (Blood Pressure)

·         गुर्दे के रोग (Kidney ailments)

·         सूजन और दर्द निवारक (Pain & Inflammation)

इन बीमारियों की दवाएं अब और भी किफायती हो गई हैं।

 

अधिकारियों का क्या कहना है?

 

स्वास्थ्य विभाग के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. एनबी सिंह ने इस बदलाव का स्वागत किया है। उन्होंने कहा, "प्रदेश सरकार और चिकित्सा विभाग की प्राथमिकता है कि सरकारी अस्पतालों में आने वाले हर मरीज को सस्ता और सुलभ इलाज मिले। उत्तर प्रदेश मेडिकल पावर कॉरपोरेशन द्वारा दवाओं के दाम में की गई यह गिरावट गरीब और मध्यम वर्गीय मरीजों के लिए संजीवनी का काम करेगी। हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि महंगी दवाएं जो बाहर हजारों में मिलती हैं, यहां कौड़ियों के दाम मिलें।"

 

एक नजर: कितनी सस्ती हुईं दवाएं (तुलना)

 

मरीजों की सुविधा के लिए हमने कुछ प्रमुख दवाओं के पुराने और नए रेट की तुलना की है, जिससे आप बचत का अंदाजा लगा सकते हैं:

 

दवा का नाम (Medicine)

बीमारी/उपयोग

पुराना रेट (₹)

नया रेट (₹)

किडनी सेवेमर कार्बोनेट

किडनी रोग

80.00

75.00

लिविटिरासिटैम

मिर्गी/दौरे

68.20

63.00

डेपाग्लिफ्लोजिन

शुगर (Diabetes)

32.00

30.00

मेटफार्मिन

शुगर (Diabetes)

26.40

24.75

टेलिमासार्टन

बीपी (BP)

24.68

22.60

जीरोडाल एसपी

दर्द/सूजन

19.68

17.80

 

यह नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू हैं और मरीज अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से इनका लाभ उठा सकते हैं।

इसे भी पढ़ें

Latest News