प्रयागराज। पड़ोसियों के साथ हुए एक मामूली झगड़े ने करोड़ों के काले धन का सनसनीखेज राज उजागर कर दिया। प्रयागराज जिला मुख्यालय से लगभग 32 किलोमीटर दूर स्थित बरईपुर गांव में पुलिस ने जमीन खोदकर तीन नीले ड्रम बरामद किए, जिनमें कपड़े में लपेटकर छिपाए गए 500-500 रुपये के नोटों की गड्डियों के रूप में करीब 5 करोड़ रुपये का कैश भरा हुआ था।
दरोगा से बहस के बाद शुरू हुई पड़ताल
पूरे मामले की शुरुआत करीब एक हफ्ते पहले हुई, जब बरईपुर निवासी राकेश यादव उर्फ 'महाकाल' का पड़ोसियों से विवाद हुआ था। पुलिस जब दर्ज एफआईआर के सिलसिले में उसके घर पहुंची, तो राकेश ने उपनिरीक्षक (दरोगा) से तीखी बहस कर ली। इसके बाद पुलिस ने उसके पुराने रिकॉर्ड और गतिविधियों की निगरानी शुरू की। इसी दौरान पुलिस के खुफिया तंत्र को जानकारी मिली कि राकेश के पुश्तैनी मकान में संदिग्ध या चोरी की भारी रकम जमीन के भीतर छिपाकर रखी गई है।
बिजली कटवाकर साढ़े 4 घंटे चला सर्च ऑपरेशन
सूचना पुलिस कमिश्नर पीयूष मोर्डिया तक पहुंची, जिसके बाद डीसीपी (गंगानगर) सोनम कुमार, एडीसीपी पुष्कर वर्मा और एसीपी श्यामजीत प्रमिला सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। बुधवार शाम 6 बजे पुलिस बल ने गांव में किसी भी प्रकार के विरोध या हंगामे से बचने के लिए पहले बिजली आपूर्ति बंद करवाई और फिर छापेमारी शुरू की।
करीब साढ़े चार घंटे चले तलाशी अभियान के दौरान जमीन में दबाए गए 3 बड़े नीले प्लास्टिक के ड्रम मिले, जिनके ढक्कन पूरी तरह सील थे। ढक्कन खोलने पर उनके अंदर कपड़े में सुरक्षित लपेटकर रखी गईं 500 रुपये के नोटों की गड्डियां बरामद हुईं। पुलिस ने नकदी को जब्त कर पूरे घर, बगीचे और आसपास की जमीन को सील कर दिया है और मौके पर 40 से अधिक पुलिसकर्मियों का पहरा लगा दिया गया है। राकेश के भाई बबलू समेत परिवार के सदस्यों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।
पुणे में सराफा व्यापारी के यहां काम से करोड़ों के साम्राज्य तक
ग्रामीणों के अनुसार, राकेश कुछ साल पहले तक पुणे में अपने रिश्तेदारों के साथ एक सर्राफा कारोबारी के यहां नौकरी करता था। कोरोना महामारी (कोविड-19) के दौरान वह गांव लौटा और कुछ ही वर्षों में उसने करीब 10 करोड़ रुपये की 22 बीघा जमीन खरीद ली। इसके अलावा 1 करोड़ रुपये की लागत से आलीशान मकान बनवाया, दो ट्रैक्टर, डीजे, पिकअप वाहन खरीदे और सीमेंट-सरिया का बड़ा कारोबार शुरू कर दिया। अचानक बढ़ी इस अकूत संपत्ति को लेकर गांव में पहले से ही चर्चाएं थीं।
डीसीपी गंगानगर सोनम कुमार ने पुष्टि की है कि जमीन के नीचे छिपाए गए तीन ड्रमों से करोड़ों की नकदी बरामद हुई है। जब्त रकम के सटीक मिलान और उसके स्रोत का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है।