Weather Alert: देशभर में मौसम का डबल अटैक, कहीं 46 डिग्री की झुलसा देने वाली गर्मी, तो कहीं आंधी-बारिश से तबाही, 13 लोगों की मौत

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देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम ने अचानक करवट लेकर लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। एक ओर उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत भीषण गर्मी और लू की चपेट में हैं, तो दूसरी ओर कई राज्यों में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। पिछले 24 घंटों के दौरान पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, गुजरात और मध्य प्रदेश के कई शहरों में तापमान 40 से 46 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। हालांकि कुछ इलाकों में तेज हवाओं और हल्की बारिश से तापमान में 2 से 3 डिग्री तक गिरावट भी देखने को मिली।

 

उत्तर प्रदेश में मौसम के अचानक बदले मिजाज ने भारी नुकसान पहुंचाया है। आंधी और बारिश से जुड़े हादसों में राज्य में 13 लोगों की मौत हो गई। सबसे ज्यादा नुकसान सुल्तानपुर जिले में हुआ, जहां सात लोगों ने जान गंवाई। वहीं बिहार में भी खराब मौसम के कारण पांच लोगों की मौत की खबर है। राजधानी पटना में तेज आंधी के दौरान दीवार गिरने से दो लोगों की मौत हो गई। कई जिलों में पेड़ उखड़कर सड़कों और बिजली लाइनों पर गिर पड़े, जिससे यातायात और बिजली व्यवस्था प्रभावित हुई।

 

भीषण गर्मी के बीच उत्तर प्रदेश का बांदा जिला लगातार तीसरे दिन प्रदेश ही नहीं बल्कि देश के सबसे गर्म इलाकों में शामिल रहा। यहां अधिकतम तापमान 45.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राजस्थान और मध्य प्रदेश के अधिकांश जिलों में भी पारा 40 डिग्री से ऊपर बना रहा। मध्य प्रदेश में भोपाल और सीधी सबसे गर्म शहरों में रहे, जहां तापमान 43 डिग्री के पार पहुंच गया।

 

गर्मी का असर आम जनजीवन पर साफ दिखाई दे रहा है। प्रयागराज में लोग तेज धूप से बचने के लिए सिर पर थर्माकोल की सीट रखकर सड़क पर निकलते नजर आए। वहीं प्यास से बेहाल पक्षी भी पानी की तलाश में भटकते दिखे। शहर में कई जगह कौवे मिट्टी के बर्तनों में रखा पानी पीते दिखाई दिए। दक्षिण भारत के तमिलनाडु और केरल के तटीय इलाकों में भी गर्मी ने श्रमिकों की दिनचर्या बदल दी है। केरल के थूथुकुडी स्थित नमक के खेतों में काम करने वाले मजदूर अब रात एक बजे से ही काम शुरू कर रहे हैं ताकि दोपहर की भीषण गर्मी से बचा जा सके।

 

बिहार के बक्सर में बुधवार शाम अचानक मौसम बदल गया। धूल भरी तेज आंधी के बाद जोरदार बारिश हुई, जिससे लोगों को गर्मी से राहत तो मिली लेकिन कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। पश्चिम बंगाल, सिक्किम और पूर्वोत्तर के सातों राज्यों में भी लगातार बारिश हो रही है। मिजोरम में भारी वर्षा के कारण कई जिलों में लगातार दूसरे दिन स्कूल बंद रखने पड़े। वहीं उत्तराखंड में खराब मौसम के चलते केदारनाथ धाम, फाटा, सोनप्रयाग, सर्सी और गुप्तकाशी के बीच चलने वाली हेलीकॉप्टर सेवाएं रोक दी गई हैं।

 

मौसम विभाग ने आगामी दो दिनों के लिए कई राज्यों में चेतावनी जारी की है। एक मई को पश्चिमी राजस्थान में लू चलने की संभावना है, जबकि उत्तराखंड, पूर्वी राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना और कर्नाटक में आंधी और बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा केरल, तमिलनाडु, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

 

दो मई को राजस्थान के पाकिस्तान सीमा से सटे इलाकों में धूल भरी आंधी और लू दोनों का खतरा बना रहेगा। वहीं पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, बिहार, झारखंड, बंगाल और मध्य भारत के कई हिस्सों में तेज हवाओं और बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने सिक्किम, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी भी जारी की है।

 

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार देश में इस समय तीन बड़े मौसमी सिस्टम एक साथ सक्रिय हैं। उत्तर-पश्चिम भारत के ऊपर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ, उत्तर से पूर्व भारत तक फैली ट्रफ लाइन और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी मिलकर मौसम को अस्थिर बना रही है। जहां नमी पहुंच रही है वहां आंधी और बारिश हो रही है, जबकि जिन क्षेत्रों में नमी नहीं पहुंच पा रही वहां जमीन अत्यधिक गर्म होकर लू की स्थिति पैदा कर रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि अप्रैल और मई में प्री-मानसून गतिविधियां सामान्य होती हैं, लेकिन इस बार कई सिस्टम एक साथ ज्यादा सक्रिय होने के कारण मौसम का प्रभाव असामान्य रूप से तीव्र दिखाई दे रहा है।

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