अखिलेश के छोटे भाई प्रतीक यादव को ससुर अरविंद सिंह बिष्ट ने दी मुखाग्नि, कांपते हाथों से बेटियों ने पिता की चिता पर रखी लकड़ी, शिवपाल के बेटे ने दिया कंधा

https://admin.thefrontfaceindia.in/uploads/1554998902_WhatsApp_Image_2026-05-14_at_17.43.59.jpeg

लखनऊ। समाजवादी पार्टी प्रमुख Akhilesh Yadav के छोटे भाई प्रतीक यादव पंचतत्व में विलीन हो गए। गुरुवार दोपहर पूरे राजकीय और पारिवारिक सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान परिवार के सदस्य, राजनीतिक हस्तियां और हजारों समर्थक मौजूद रहे। अंतिम यात्रा और श्मशान घाट का माहौल बेहद भावुक दिखाई दिया।

 

प्रतीक यादव की चिता को उनकी पत्नी Aparna Yadav के पिता अरविंद सिंह बिष्ट ने मुखाग्नि दी। वहीं अखिलेश यादव ने अपने छोटे भाई को अंतिम प्रणाम करते हुए चिता पर लकड़ी रखी। इस मार्मिक क्षण में परिवार के कई सदस्य खुद को संभाल नहीं सके। प्रतीक की दोनों बेटियां प्रथमा और पद्मजा भी पिता के अंतिम संस्कार में मौजूद रहीं। दोनों ने कांपते हाथों से परम्परा निभाते हुए पिता की चिता पर लकड़ी अर्पित की।

 

श्मशान घाट पर एक भावुक दृश्य तब देखने को मिला, जब छोटी बेटी पद्मजा अपने ताऊ अखिलेश यादव के पास बैठी नजर आई। अखिलेश लगातार उसे संभालते रहे, उससे बातचीत की और उसे चॉकलेट देकर ढांढस बंधाया। वहां मौजूद लोगों की आंखें यह दृश्य देखकर नम हो गईं।

 

अंतिम संस्कार कराने वाले पंडित ध्रुव कुमार तिवारी ने कहा था कि परिवार के किसी करीबी सदस्य, विशेष रूप से अखिलेश यादव या उनके बेटे द्वारा मुखाग्नि देना परंपरा की दृष्टि से उचित होता, लेकिन परिवार ने आपसी सहमति से यह जिम्मेदारी अरविंद सिंह बिष्ट को सौंपी।

 

इससे पहले सुबह प्रतीक यादव की अंतिम यात्रा निकाली गई। घर से लेकर बैकुंठ धाम तक हजारों समर्थक उनके साथ चलते रहे। प्रतीक यादव अमर रहेंके नारों से पूरा रास्ता गूंजता रहा। Shivpal Singh Yadav के बेटे आदित्य यादव ने भी शव को कंधा दिया।

 

प्रतीक यादव पशु प्रेमी माने जाते थे। यही वजह रही कि शव वाहन पर उनकी पालतू डॉग्स और बंदर के साथ तस्वीर लगाई गई थी, जिसने लोगों का ध्यान खींचा। अंतिम यात्रा के दौरान शव को समाजवादी पार्टी कार्यालय के पास भी कुछ देर के लिए रखा गया। परंपरा के अनुसार, श्मशान घाट पहुंचने से पहले शव को पांच बार जमीन पर रखा जाता है।

 

श्मशान घाट पर राजनीतिक दलों से जुड़े कई बड़े नेता पहुंचे। दोनों उपमुख्यमंत्री Keshav Prasad Maurya और Brajesh Pathak ने श्रद्धांजलि अर्पित की। रक्षा मंत्री Rajnath Singh के बेटे नीरज सिंह भी अंतिम यात्रा में शामिल हुए। ब्रजेश पाठक जब वापस लौटने लगे तो अखिलेश यादव ने उनसे मुलाकात कर हाथ मिलाया।

 

श्मशान घाट पर अखिलेश यादव और शिवपाल यादव के बीच प्रतीक की दोनों बेटियां बैठी थीं। पीछे की पंक्ति में अखिलेश के बेटे अर्जुन यादव भी मौजूद रहे। यह दृश्य पूरे परिवार के दुख और एकजुटता को दर्शा रहा था।

 

बता दें कि 38 वर्षीय प्रतीक यादव का बुधवार सुबह निधन हो गया था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत की वजह कार्डिएक अरेस्ट बताई गई है। रिपोर्ट में उनके शरीर पर छह चोटों के निशान भी मिले हैं, जिनमें तीन चोटें करीब एक सप्ताह पुरानी और तीन हाल की बताई गई हैं। जांच के लिए विसरा सुरक्षित रखा गया है।

 

डॉक्टरों के मुताबिक प्रतीक यादव गंभीर फेफड़ों की बीमारी पल्मोनरी एम्बोलिज्म से जूझ रहे थे। इस बीमारी में खून का थक्का फेफड़ों में फंसकर रक्त प्रवाह रोक देता है। बताया गया कि पिछले 13 दिनों में उन्हें दो बार हार्ट अटैक आया था। इससे पहले 30 अप्रैल को वह लखनऊ एयरपोर्ट पर अचानक गिर पड़े थे, जिसके बाद उन्हें मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

इसे भी पढ़ें

Latest News