‘ऐ कुर्सी ! तेरा नाम क्या है?’ धुरंधर या टाइटैनिक नहीं, कांग्रेस नेत्री के ‘क्रांतिकारी’ डांस के आगे 750 करोड़ का रिकॉर्ड कुछ भी नहीं, पब्लिक बोलेगी - 'वन्स मोर'

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भारतीय राजनीति अब जनसेवा और जनसभाओं के दायरे से बाहर निकलकर 'परफॉर्मिंग आर्ट' (मंच कला) के उस मुकाम पर पहुँच गई है, जहाँ ऑस्कर की जुरी को भी अपना सिर पकड़ना पड़ जाए। हाल ही में कांग्रेस नेताओं का 'क्रांति' फिल्म के गाने 'दिलवाले तेरा नाम क्या है' पर जो नृत्य वीडियो वायरल हुआ है, उसने यह सिद्ध कर दिया है कि देश में मनोरंजन के लिए अब ओटीटी या सिनेमाघरों पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है। राजनीति ही असल सिनेमा है।

 

सोशल मीडिया पर चर्चा है कि अगर इस 'ऐतिहासिक' डांस वीडियो को 250 रुपए का टिकट लगाकर सिनेमाघरों में 'लूप' पर चला दिया जाए, तो यह 750 करोड़ रुपए क्या, 'टाइटैनिक' और 'धुरंधर' तक के रिकॉर्ड ध्वस्त कर देगा। आखिर जनता को और चाहिए क्या? मनोरंजन, इमोशन और भरपूर ड्रामाजो इन नेताओं के स्टेप्स में कूट-कूट कर भरा है।

 

इस वीडियो की सबसे बड़ी खूबी इसकी 'कोरियोग्राफी' है। इसमें वह बेतकल्लुफी है जो आपको रेमो डिसूजा या प्रभु देवा के डांस में नहीं मिलेगी। यहाँ पैरों की थिरकन में सत्ता की छटपटाहट और हाथों के मूवमेंट में गठबंधन की जटिलताएँ साफ नजर आती हैं। जब नेता जी 'दिलवाले' शब्द पर थिरकते हैं, तो ऐसा लगता है जैसे वे मतदाता से नहीं, बल्कि अपनी किस्मत से पूछ रहे हों—"ऐ कुर्सी! तेरा नाम क्या है?"

 

बॉक्स ऑफिस के पंडितों का मानना है कि इस वीडियो की 'रीच' किसी भी ब्लॉकबस्टर फिल्म से अधिक है। फिल्मों में तो एक्टर्स को एक्टिंग करनी पड़ती है, लेकिन यहाँ जो कुछ है, वह 'नैसर्गिक' है। राजनीति की उबड़-खाबड़ राहों पर चलते-चलते इन नेताओं के पैर इतने अभ्यस्त हो गए हैं कि वे संगीत की ताल पर भी उसी लय में चलते हैं, जैसे चुनाव हारने के बाद 'नैतिक जीत' का दावा करने वाले प्रेस कॉन्फ्रेंस की ओर।

 

अगर वाकई इसे थिएटर में रिलीज किया जाए, तो दर्शक न केवल टिकट खरीदेंगे बल्कि 'वन्स मोर' के नारे भी लगाएंगे। जिस तरह से फिल्म 'क्रांति' ने अपने दौर में धूम मचाई थी, उसी तरह यह 'क्रांतिकारी डांस' कांग्रेस के लिए वह कर सकता है जो राहुल गांधी की न्याय यात्रा और घोषणापत्र भी नहीं कर पाएयानी जनता के चेहरे पर मुस्कान लाना।

 

यह वीडियो लोकतंत्र की उस खूबसूरती को दर्शाता है जहाँ नेता यह संदेश दे रहे हैं कि चाहे महंगाई बढ़े या बेरोजगारी, चाहे पार्टी की हालत 'क्रांति' फिल्म के क्लाइमैक्स जैसी हो जाए, पर पैर रुकने नहीं चाहिए। अंत में, यह वीडियो उन लोगों के लिए एक करारा जवाब है जो कहते हैं कि विपक्ष कुछ कर नहीं रहा है। देखिए, विपक्ष नाच रहा है, और क्या गजब का नाच रहा है! 750 करोड़ रुपए का रिकॉर्ड टूटना तो बस एक औपचारिकता है, असली कमाई तो उन 'मीम्स' से हो रही है जो इस पर बनकर इतिहास रच रहे हैं।

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