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संभल हिंसा: चार महीने बाद जामा मस्जिद के सदर जफर अली गिरफ्तार, ASI सर्वे के दौरान भीड़ को उकसाकर दंगा भड़काया था, प्रशासन ने बढ़ाई सुरक्षा 

संभल। नवंबर 2024 में हुई संभल हिंसा के चार महीने बाद, पुलिस ने जामा मस्जिद कमेटी के सदर जफर अली को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। उन पर भीड़ को उकसाकर दंगा भड़काने का आरोप है। हालाँकि, चंदौसी कोर्ट में पेशी के दौरान जफर अली ने खुद को निर्दोष बताया और कहा कि उन्होंने हिंसा भड़काने में कोई भूमिका नहीं निभाई।


पुलिस ने घर से ही उठाया


पुलिस ने रविवार सुबह करीब 11 बजे जफर अली को उनके घर से हिरासत में लिया। उन्हें कोतवाली ले जाकर करीब चार घंटे तक पूछताछ की गई। इसके बाद गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी की खबर फैलते ही उनके समर्थकों में आक्रोश फैल गया। उनके सहयोगी अधिवक्ता पुलिस की गाड़ी के पीछे दौड़ने लगे और ‘जफर अली जिंदाबाद’ के नारे लगाए।


जफर अली का घर जामा मस्जिद से महज 100 मीटर की दूरी पर स्थित है। सुरक्षा की दृष्टि से इलाके में 200 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। इसके अलावा, पाँच थानों की पुलिस फोर्स भी संवेदनशील क्षेत्र में गश्त कर रही है। एसपी केके बिश्नोई और सीओ अनुज चौधरी ने इलाके में फ्लैग मार्च कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।

 


संभल हिंसा: कब और कैसे भड़की थी आग


24 नवंबर 2024 को संभल के विवादित स्थल का सर्वेक्षण किया जा रहा था। उसी दौरान वहां हिंसा भड़क गई। आरोप है कि भीड़ ने पत्थरबाजी और गोलीबारी की थी। इस मामले में पुलिस ने कई लोगों को नामजद किया था। 25 नवंबर को पुलिस ने जफर अली को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की थी, लेकिन तब उन्हें छोड़ दिया गया था।


वकील की पोशाक में गिरफ्तारी, भारी सुरक्षा के बीच कोर्ट पेशी


गिरफ्तारी के समय जफर अली वकीलों की यूनिफॉर्म में थे। उन्होंने काले कोट को हाथ में पकड़ रखा था। पुलिस ने उन्हें रैपिड रिएक्शन फोर्स (RRF) के 50 जवानों और अन्य सुरक्षा बलों के साथ जीप में बैठाया। पुलिस जीप में बैठते हुए जफर अली ने हाथ हिलाकर समर्थकों से समर्थन मांगा और खुद को निर्दोष बताते हुए न्याय की उम्मीद जताई।


जब पुलिस उन्हें चंदौसी की ADJ कोर्ट द्वितीय में पेश करने ले जा रही थी, तब सड़क के दोनों ओर RRF के जवान तैनात थे। इसके अलावा, ASP (उत्तरी) श्रीश्चंद्र, CO संभल अनुज चौधरी, SIT प्रभारी कुलदीप सिंह, क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर अमरीश कुमार, थाना कैलादेवी इंस्पेक्टर सत्यप्रकाश सिंह और हयातनगर एसओ चमन सिंह समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद थे।


एसपी बोले- दोबारा पूछताछ के बाद हुई गिरफ्तारी


संभल के एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि जफर अली की गिरफ्तारी से पहले उनसे दो बार पूछताछ की गई थी। पहली बार उन्हें हिरासत में लेकर शनिवार देर रात तक पूछताछ की गई, लेकिन तब छोड़ दिया गया था। रविवार सुबह फिर से पूछताछ के लिए बुलाया गया और इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।


जफर अली पर भारतीय दंड संहिता (BNS) की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इनमें 191(2), 191(3), 190, 221, 125, 132, 324(5), 196, 230, 231 BNS शामिल हैं। इसके साथ ही सार्वजनिक संपत्ति निवारण अधिनियम की धारा 3/4 भी लगाई गई है।

 


परिवार का आरोप – प्रशासन जानबूझकर फंसा रहा


जफर अली के बड़े भाई ताहिर अली ने प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस ने जानबूझकर जफर अली को जेल भेजा है। उन्होंने दावा किया, "हमें सुबह करीब 11:30 बजे बताया गया कि इंस्पेक्टर साहब और जांच अधिकारी घर आएंगे और सीओ कुलदीप सिंह से बात करनी होगी। लेकिन असल में जफर अली को जेल भेजने की साजिश थी।"


ताहिर अली ने यह भी कहा कि "हम कोर्ट में केस लड़ेंगे।" उनके अनुसार, जफर अली हिंसा के बाद दिए गए प्रेस कॉन्फ्रेंस के बयान से पीछे नहीं हटेंगे। उनका कहना है कि "पुलिस ने गोली चलाई थी, जिससे लोगों की जान गई थी।"


वकीलों का विरोध, कोतवाली में जुटे अधिवक्ता


जफर अली की गिरफ्तारी के विरोध में संभल कोतवाली के बाहर बड़ी संख्या में उनके समर्थक और अधिवक्ता इकट्ठा हो गए। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए और जफर अली की तत्काल रिहाई की मांग की। स्थिति को तनावपूर्ण देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने वकीलों से बातचीत कर मामला शांत करने की कोशिश की।

 


कौन हैं जफर अली?


•    पेशे से अधिवक्ता (वकील) हैं।
•    दो भाई ताहिर अली और कमर अली भी वकील हैं।
•    उनके पिता मोहम्मद हामिद अली यूपी पुलिस में सब-इंस्पेक्टर रह चुके हैं।
•    जफर अली ने दो शादियां की थीं।
•    पहली पत्नी से एक बेटी है, लेकिन उनकी 20 साल पहले मृत्यु हो गई थी।
•    दूसरी पत्नी से एक बेटा हैदर अली और एक बेटी है।
•    हैदर अली भी चंदौसी कोर्ट में वकालत करता है।


इलाके में कड़ी सुरक्षा, प्रशासन की अपील


ASP श्रीश्चंद्र ने बताया कि इलाके में चौकसी बढ़ा दी गई है और चारों ओर पुलिस बल तैनात किया गया है। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा, "कानून व्यवस्था को किसी भी हालत में प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा।"

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