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कानून व्यवस्था में सुधार से लेकर बुनियादी ढांचे के विकास तक: उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य ने समझाया योगी सरकार के आठ साल के कार्यकाल का हिसाब

वाराणसी। उत्तर प्रदेश सरकार के आठ वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने प्रदेश की जनता को बधाई देते हुए सरकार की उपलब्धियों को गिनाया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने चतुर्मुखी विकास किया है। प्रदेश में कानून व्यवस्था में सुधार से लेकर बुनियादी ढांचे के विकास तक, हर क्षेत्र में सरकार ने उल्लेखनीय कार्य किए हैं।


सुशासन और रोजगार में ऐतिहासिक सुधार


उप मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में सुशासन को सबसे बड़ी उपलब्धि माना जा सकता है। 24 करोड़ प्रदेशवासियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई, जिससे अपराध दर में भारी गिरावट आई है। सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता बरतते हुए 8 लाख नौकरियां प्रतिभा के आधार पर दी गईं। बेरोजगारी दर में भी बड़ा सुधार हुआ है—2016 में जहां यह 18 प्रतिशत थी, वहीं अब घटकर 2.5 प्रतिशत रह गई है।

 


महिला सशक्तिकरण की दिशा में कदम


महिला कल्याण योजनाओं का जिक्र करते हुए मौर्य ने बताया कि 1.56 करोड़ महिलाओं को उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन दिए गए। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से 38,848 महिलाओं को लाभ मिला। 57,777 बालिकाओं को मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना का लाभ देकर उनके उज्ज्वल भविष्य की नींव रखी गई। इसके अलावा, 63,229 निराश्रित महिलाओं को पेंशन योजना से सहायता प्रदान की जा रही है।


वाराणसी में 40,000 करोड़ की विकास परियोजनाएं पूरी


वाराणसी में बीते आठ वर्षों में 40,536 करोड़ रुपये की लागत से 458 परियोजनाएं पूरी की गई हैं। इनमें सड़क, पुल, पेयजल, सीवरेज, शिक्षा, स्वास्थ्य, ऊर्जा, पर्यटन और नगर विकास से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं। साथ ही, 15,000 करोड़ रुपये की लागत से कई परियोजनाएं प्रगति पर हैं।


यातायात और बुनियादी ढांचे में सुधार


प्रदेश सरकार ने 22,408 करोड़ रुपये की लागत से रिंग रोड, राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य मार्ग और पुलों का निर्माण पूरा किया। वर्तमान में 4,955 करोड़ रुपये की लागत से सड़कों और सेतुओं का निर्माण कार्य जारी है। रेलवे, एयरपोर्ट और जलमार्गों के विकास पर भी 1,529 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, जबकि 3,809 करोड़ रुपये की परियोजनाएं प्रगति पर हैं।

 


स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत बड़ा बदलाव


वाराणसी को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए 877.65 करोड़ रुपये की लागत से 34 प्रमुख परियोजनाएं पूरी की गई हैं। इनमें काशी इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर, 720 स्थलों पर उन्नत सर्विलांस कैमरे, वाराणसी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, टाउन हॉल शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और गौदौलिया चौक पर मल्टीलेवल टू-व्हीलर पार्किंग जैसी सुविधाएं शामिल हैं।


शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में नई पहल


प्रदेश में शिक्षा क्षेत्र को मजबूत करने के लिए 512 करोड़ रुपये की लागत से 32 परियोजनाएं पूरी की गईं। 666 करोड़ रुपये की लागत से 11 नई परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं। स्वास्थ्य क्षेत्र में भी सरकार ने 1,870.36 करोड़ रुपये की लागत से 43 प्रमुख परियोजनाएं पूरी की हैं। इनमें होमी भाभा कैंसर अस्पताल, बीएचयू में 430 बेड का सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, जिला महिला चिकित्सालय में 100 बेड का मैटरनिटी विंग और बोन मैरो ट्रांसप्लांट एवं स्टेम सेल रिसर्च सेंटर शामिल हैं।


पर्यटन विकास को मिला बढ़ावा


पर्यटन क्षेत्र में सरकार ने 721 करोड़ रुपये की लागत से 30 महत्वपूर्ण परियोजनाएं पूरी की हैं। इनमें नमो घाट, श्री काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर, सारनाथ में पर्यटन पुनर्विकास, पंचकोसी परिक्रमा मार्ग का सौंदर्यीकरण, कैथी में गंगा घाट का विकास और स्वर्वेद ध्यान केंद्र जैसी योजनाएं शामिल हैं। 900 करोड़ रुपये की लागत से कई परियोजनाएं अभी निर्माणाधीन हैं।


कृषि और ग्रामीण विकास में सुधार


सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत 3,01,207 किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान की। 16,026 किसानों को किसान ऋण मोचन योजना से लाभान्वित किया गया। ग्रामीण विकास को प्राथमिकता देते हुए 2,80,132 व्यक्तिगत शौचालय और 694 सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कराया गया है।


गरीबों और जरूरतमंदों के लिए कल्याणकारी योजनाएं


सरकार ने 32,708 परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत घर उपलब्ध कराए। 4,930 परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजना से लाभान्वित किया गया। इसके अलावा, 78,15,373 कुंतल निःशुल्क राशन बांटा गया और 55,673 व्यक्तियों को पीएम स्वनिधि योजना के तहत आर्थिक सहायता प्रदान की गई।


औद्योगिक निवेश और रोजगार के अवसर


प्रदेश सरकार ने औद्योगिक विकास को गति देते हुए 1,33,959 नई इकाइयां स्थापित कर 5,10,434 लोगों को रोजगार दिया। वाराणसी में बीते आठ वर्षों में 826.85 किमी नई सड़कें बनाई गईं। इसके अलावा, 30 नए डिग्री कॉलेज, 20 नए आईटीआई और 31 नए पॉलिटेक्निक संस्थान खोले गए।

 


डिजिटल क्रांति और युवाओं को तकनीकी सहायता


सरकार ने 1.58 लाख विद्यार्थियों को टेबलेट और स्मार्टफोन वितरित किए, जिससे डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा मिला। 11,02,734 प्रधानमंत्री जनधन खाते खोले गए और 1,95,551 लोगों को अटल पेंशन योजना के तहत आर्थिक सुरक्षा दी गई। 11,27,646 आयुष्मान भारत गोल्डन कार्ड जारी किए गए, जिससे गरीबों को मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।


वाराणसी की आर्थिक स्थिति में सुधार


प्रदेश सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यों का प्रभाव वाराणसी की आर्थिक स्थिति पर भी पड़ा है। वर्ष 2017 में वाराणसी की जीडीपी 22,586.91 करोड़ रुपये थी, जो अब बढ़कर 43,899.75 करोड़ रुपये हो गई है। इसी तरह, प्रति व्यक्ति आय भी बढ़कर 90,028 रुपये हो गई है।


समारोह में उपस्थित गणमान्य


इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या, महापौर अशोक तिवारी, विधायक टी. राम, विधायक डॉ. अवधेश सिंह, क्षेत्रीय अध्यक्ष दिलीप पटेल, महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।


सूचना विभाग की विकास प्रदर्शनी का किया उद्घाटन


बाद में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने छोटा कटिंग मेमोरियल ग्राउंड में उत्तर प्रदेश सरकार की उपलब्धियों पर आधारित विकास प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इस प्रदर्शनी में बीते आठ वर्षों में प्रदेश में हुए विकास कार्यों को दर्शाया गया।

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