लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मौसम एक बार फिर करवट ले चुका है। बीते कुछ दिनों में ठंडक का अहसास कराने वाला मौसम अचानक तपिश बढ़ा रहा है। गुरुवार को प्रदेश के 14 जिलों में हीटवेव को लेकर अलर्ट जारी कर दिया गया। इस सीजन में यह पहला मौका है जब लू की चेतावनी दी गई है। बुधवार को कई शहरों का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया, जिससे लोगों को तेज गर्मी का एहसास होने लगा।
प्रयागराज में सबसे अधिक गर्मी, अयोध्या रहा सबसे ठंडा
गुरुवार सुबह जारी 24 घंटे के तापमान रिकॉर्ड के अनुसार, प्रयागराज प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा। यहां अधिकतम तापमान 41.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, अयोध्या सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
राजधानी लखनऊ में भी गर्मी का असर साफ दिखाई दिया। बुधवार को यहां सीजन का सबसे गर्म दिन रहा और तापमान 39 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
गर्मी बढ़ने की वजह: पश्चिमी विक्षोभ का असर खत्म
मौसम विभाग के अनुसार, हाल ही में पश्चिमी विक्षोभ के कारण यूपी के कई जिलों में बारिश और हल्की बूंदाबांदी हुई थी। इससे वातावरण में मौजूद धूल के कण साफ हो गए, जिससे अब धूप सीधे धरती की सतह पर पड़ रही है। यही कारण है कि तापमान तेजी से बढ़ रहा है।
तेज पछुआ हवाएं लाएंगी हल्की राहत
मौसम वैज्ञानिक मनोज श्रीवास्तव का कहना है कि 27 मार्च को झांसी और बुंदेलखंड के कुछ हिस्सों में हीटवेव की स्थिति बनी रहेगी। हालांकि, अगले दो से तीन दिनों में पछुआ हवाएं तेज हो जाएंगी, जिससे तापमान में 2-3 डिग्री की गिरावट देखने को मिलेगी।
अनुमान है कि पछुआ हवाओं की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक हो सकती है। इससे कुछ हद तक राहत मिलेगी, लेकिन यह अस्थायी होगा, क्योंकि इसके बाद तापमान में फिर से बढ़ोतरी शुरू हो जाएगी। मौसम विभाग ने साफ किया है कि अगले 10 दिनों तक बारिश की कोई संभावना नहीं है।
फसलों पर असर: गेहूं को फायदा, बारिश से होगा नुकसान
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि गेहूं की फसल के लिए आने वाले कुछ दिन अनुकूल रहेंगे। अगले चार से पांच दिनों में तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी होने की संभावना है, लेकिन इससे फसल को कोई नुकसान नहीं होगा।
हालांकि, अगर इस दौरान बारिश होती है तो तैयार फसल को नुकसान पहुंच सकता है। इस साल जिन जिलों में बारिश और ओले पड़े, वहां पहले ही 5-6% फसल खराब हो चुकी है।
गर्मी के चरम स्तर पर जाने की चेतावनी
मौसम वैज्ञानिक वेद प्रकाश सिंह के अनुसार, मई और जून में उत्तर प्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों में भीषण गर्मी पड़ने की संभावना है। अधिकतम तापमान 49 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।
मार्च के अंत तक तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार चला जाएगा, जबकि अप्रैल में यह 45 डिग्री को भी पार कर सकता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि इस बार मार्च से ही हीटवेव शुरू हो सकती है, जो मई तक जारी रहेगी। एक महीने में करीब 8 से 10 दिनों तक लू चलने की संभावना है।
लोगों को सतर्क रहने की जरूरत
तेजी से बढ़ते तापमान को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। खासतौर पर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को तेज धूप में बाहर निकलने से बचना चाहिए। शरीर में पानी की कमी न हो, इसके लिए अधिक मात्रा में तरल पदार्थों का सेवन जरूरी है।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले हफ्तों में गर्मी और भी अधिक बढ़ेगी। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतनी होगी ताकि लू और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याओं से बचा जा सके।