लखनऊ: मास्क लगाकर अस्पताल पहुंचे डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, आम मरीज बनकर 54 मिनट तक लाइन में लगे, गंदगी देख भड़के, अफसरों को लगाई फटकार

https://admin.thefrontfaceindia.in/uploads/395235966_brajesh-pathak-surprise-inspection-chinhat-chc-lucknow.jpg

लखनऊ प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री और डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक अपने चिर-परिचित अंदाज में एक बार फिर एक्शन मोड में नजर आए। सोमवार को राजधानी लखनऊ के चिनहट स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब वहां मरीजों की कतार में लगा एक 'आम आदमी' अचानक प्रदेश का उप-मुख्यमंत्री निकला। स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत परखने के लिए ब्रजेश पाठक बिना किसी तामझाम और सुरक्षा प्रोटोकॉल के, चेहरे पर मास्क लगाकर अस्पताल पहुंचे थे।

 

 

ब्रजेश पाठक सुबह गुपचुप तरीके से चिनहट सीएचसी पहुंचे। उन्होंने एक साधारण मरीज की तरह पर्चा बनवाने के लिए लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार किया। इसके बाद वे पैथोलॉजी विभाग और दवा वितरण काउंटर पर भी कतार में खड़े रहे। लगभग 54 मिनट तक अस्पताल का कोई भी कर्मचारी या अधिकारी उन्हें पहचान नहीं सका। इस दौरान उन्होंने बारीकी से नोट किया कि एक मरीज को इलाज और दवा पाने के लिए किन दुश्वारियों से गुजरना पड़ता है।

 

अस्पताल की दुर्दशा देख भड़के: "सफाई होने तक कोई घर नहीं जाएगा"

 

जैसे ही डिप्टी सीएम ने अपनी पहचान उजागर की, अस्पताल प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। निरीक्षण के दौरान उन्हें अस्पताल परिसर में हर तरफ गंदगी और अव्यवस्था का अंबार मिला।

 

·         सफाई पर कड़ा प्रहार: परिसर में फैली गंदगी को देख उन्होंने तत्काल प्रभाव से सफाई एजेंसी का एक सप्ताह का भुगतान काटने का आदेश दिया।

 

·         अधिकारियों को 'बंधक' निर्देश: नाराजगी इस कदर थी कि उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों को अल्टीमेटम दिया "जब तक अस्पताल का कोना-कोना चमक नहीं जाता, तब तक कोई भी अधिकारी या कर्मचारी घर नहीं जाएगा।"

 

·         वार्डों की बदहाली: जनरल वार्ड (नंबर 28) के निरीक्षण के दौरान कई बेड पर चादरें तक गायब मिलीं। एक्स-रे रूम के बाहर धूल जमी थी और शौचालय की स्थिति बेहद नारकीय थी।

 

स्टॉक की जांच और आशा बहुओं की सुनीं समस्याएं

 

डिप्टी सीएम ने केवल ऊपरी निरीक्षण नहीं किया, बल्कि पैथोलॉजी लैब की अलमारियां खोलकर दवाओं और उपकरणों के स्टॉक का मिलान भी किया। उन्होंने लैब टेक्नीशियन से दो टूक पूछा कि एक सैंपल लेने में कितना वक्त लगता है और निर्देश दिया कि जांच प्रक्रिया में तेजी लाई जाए ताकि मरीजों को घंटों इंतजार न करना पड़े।

 

निरीक्षण के दौरान ही सभागार में ट्रेनिंग ले रही आशा कार्यकर्ताओं ने अपनी पीड़ा सुनाई। उन्होंने बताया कि खराब मोबाइल फोन के कारण उन्हें काम करने में दिक्कत हो रही है और उनका मानदेय भी बकाया है। इस पर डिप्टी सीएम ने तत्काल सीएमओ डॉ. एनबी सिंह को फोन लगाकर फटकार लगाई और निर्देश दिए कि:

 

1.      आशा बहुओं के मोबाइल तुरंत ठीक कराए जाएं या बदले जाएं।

 

2.      उनका बकाया भुगतान तत्काल सुनिश्चित किया जाए।

 

3.      सीएमओ खुद सीएचसी पहुंचकर व्यवस्थाओं को अपनी निगरानी में दुरुस्त कराएं।

 

दवा काउंटर पर 5 मिनट का अल्टीमेटम

 

पीने के पानी (RO) के पास गंदगी और पाइपों की अव्यवस्था देख उन्होंने इसे स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बताया। उन्होंने सीएचसी अधीक्षक को सख्त हिदायत दी कि दवा काउंटर पर भीड़ प्रबंधन इस तरह हो कि किसी भी मरीज को 5 मिनट से ज्यादा लाइन में न खड़ा होना पड़े।

 

"अस्पताल में साफ-सफाई और मूलभूत सुविधाओं से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। अगर सुधार नहीं हुआ, तो केवल नोटिस नहीं, बल्कि सीधे निलंबन की कार्रवाई होगी।" ब्रजेश पाठक, डिप्टी सीएम

इसे भी पढ़ें

Latest News