सरहदें खुलीं, राहें मिलीं: यूपी और नेपाल मिलकर लिखेंगे पर्यटन की नई इबारत, धार्मिक आस्था और एडवेंचर का नया 'ग्लोबल ट्रैक', वैश्विक पटल पर चमकेगी भारत-नेपाल की संस्कृति

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वाराणसी। नेपाल में बालेंद्र शाह के नेतृत्व में नई सरकार बनने के बाद यूपी और नेपाल के बीच पर्यटन क्षेत्र में सहयोग और क्रॉस बॉर्डर टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन व्यवसाय से जुड़े स्टेक होल्डर्स ने गहन मंथन किया। उत्तर प्रदेश के ट्रैवेल एंड टूर आपरेटर्स, टूरिस्ट गाइड्स, होटलियर्स, टूरिज्म ब्लागर्स और नेपाल सरकार के मंत्री, नेपाल टूरिज्म बोर्ड के अधिकारियों, नेपाल पर्यटन संगठनों के पदाधिकारियों ने क्रास बार्डर धार्मिक पर्यटन, एडवेंचर्स टूरिज्म की संभावनाओं पर चर्चा की और दोनों क्षेत्रों में पर्यटकों की आवाजाही बढ़ाने पर साझा प्रयास का निर्णय लिया।

 

नेपाल टूरिज्म से जुड़े प्रतिनिधियों ने बताया कि उत्तर प्रदेश से नेपाल में प्रवेश की प्रक्रिया आसान होने के कारण भारतीय पर्यटक नेपाल की प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेने के साथ ही वहां के एडवेंचर्स टूरिज्म से जुड़ी गतिविधियों का लाभ ले सकते हैं। वहीं, उप्र के स्टेक होल्डर्स ने नेपाल आने वाले विदेशी पर्यटकों को भारत के विभिन्न पर्यटन स्थलों तक आकर्षित करने के पहलुओं पर चर्चा की। स्टेक होल्डर्स ने कहा कि दोनों देशों के बीच पर्यटन सहयोग से न केवल आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि सांस्कृतिक आदान-प्रदान और स्थानीय समुदायों के रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।

 

 

उत्तर प्रदेश और नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्रों में धार्मिक स्थल, प्राकृतिक सुंदरता, एडवेंचर्स गतिविधियां और स्थानीय संस्कृति पर्यटकों को आकर्षित कर सकती हैं। बहराइच जनपद के रूपईडीहा बॉर्डर से नेपाल के नेपालगंज तक की दूरी केवल कुछ किलोमीटर है। नेपालगंज से करीब 100 किलोमीटर की दूरी पर पहाड़ों से घिरा कर्णाली प्रदेश का सुर्खेत है। प्राकृतिक खूबसूरती को समेटे सुर्खेत क्षेत्र में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कर्णाली नदी में रीवर राफ्टिंग, पैराग्लाइडिंग करायी जा रही है। देश- विदेश से पर्यटक वादियों में बैठकर प्राकृतिक सौंदर्य का लाभ उठाते हैं। नेपाल के कणार्ली प्रदेश के पर्यटन मंत्री सुरेश अधिकारी ने बताया कि सुर्खेत में पर्यटन की अपार संभावना है। सरकार पर्यटकों के लिए सुविधाएं बढ़ाने के लिए प्रयास कर रही है। यहां पर्यटक प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने के साथ ही रोमांचक गतिविधियों का भी अनुभव ले सकते हैं। ऊंचे- ऊंचे पहाड़ों से घिरा सुर्खेत प्रकृति के सौंदर्य को करीब से देखने का अवसर प्रदान करता है।

 

शक्तिपीठ में मनोकामना करते हैं श्रद्धालु

 

नेपाल पर्यटन एवं संस्कृति मंत्रालय के सचिव मुकुंद निरौला ने बताया कि सुर्खेत में ईकों टूरिज्म के साथ ही एडवेंचर्स टूरिज्म की गतिविधियां पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र हैं। इसके अलावा सुर्खेत में शक्तिपीठ भी है, जहां श्रद्धालु देवी के दर्शन कर अपनी मनोकामनाएं पूर्ण करने आते हैं। मेयर मोहन माया धकाल, नेपाल टूरिज्म बोर्ड के सीइओ हिक्मत सिंह, नेपाल के पर्यटन संगठन के पदाधिकारी श्रीराम सिंग्देल, होटल व्यवसायी महासंघ सुर्खेत के अध्यक्ष तर्क बहादुर शाह, गुरासे गांवपालिका अध्यक्ष टोप बहादुर बिसी, पर्यटन व्यवसायी पद्म बहादुर शाही, नीरक कैसी ने सुर्खेत की स्थानीय संस्कृति व व्यंजनों की जानकारी देते हुए बताया कि यहां का पारंपरिक खान-पान, हस्तशिल्प और लोक कलाएं पर्यटकों को अलग अनुभव कराती हैं।

 

 

बनाया जाए तीर्थस्थलों को जोड़ने वाला ट्रैक

 

स्टेक होल्डर्स ने कहा कि उत्तर प्रदेश के विभिन्न पर्यटन स्थलों को नेपाल से आने वाले पर्यटकों तक पहुंचाने के लिए विशेष पैकेज और टूरिज्म प्लान बनाकर उसका प्रचार- प्रसार किया जाए। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भारत और नेपाल के तीर्थस्थलों को जोड़ने वाले विशेष ट्रैक बनाए जा सकते हैं। इसके साथ ही एडवेंचर्स टूरिज्म में ट्रैकिंग, रीवर राफ्टिंग, माउंटेन क्लाइंबिंग जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए दोनों देशों के बीच समन्वय स्थापित किया जाएगा।

 

समन्वय व सुविधा बढ़ाने का सुझाव

 

ट्रैवेल, टूरिज्म बिजनेस से जुड़े प्रतिनिधियों ने कहा पर्यटन सहयोग से न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होग, बल्कि दोनों देशों के बीच मित्रता और सांस्कृतिक समझ भी गहरी होगी। यह कदम पर्यटकों को विविध और यादगार अनुभव देने में सहायक होगा। इसके लिए दोनों देश साझा मार्केटिंग अभियान चलाएं। सोशल मीडिया, डिजिटल प्लेटफॉर्म के साथ ही ट्रैवेल मार्ट, रोड शो के माध्यम से नेपाल और उत्तर प्रदेश के पर्यटन स्थलों को वैश्विक स्तर पर प्रमोट किया जाए। लखनऊ के ट्रैवेल एजेंट राजेश सिन्हा, सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर चंदन पाण्डेय, सैय्यद मोहम्मद फुजैल, निशांत चौरसिया, पीयूष राय, रवि प्रकाश, धीरज सिंह ने कहा कि नेपाल-भारत बार्डर पर इमिग्रेशन, कस्टम, ट्रांसपोर्ट, पुलिस और टूरिज्म से संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत है। उन्होंने कहा कि समन्वय और सुविधा बढ़ाने की भी जरूरत है।

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