गोंडा। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने धर्मांतरण और यौन शोषण के आरोपों में घिरे डॉ. रमीज के खिलाफ हुंकार भर दी है। गोंडा के नवाबगंज में आयोजित 'राष्ट्रकथा महोत्सव' के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि फरार चल रहे आरोपी को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने मीडिया से कहा, "महिला आयोग इस मामले में बेहद गंभीर है और आरोपी को पाताल से भी खोज निकाला जाएगा।"
उपाध्यक्ष ने बताया कि केजीएमयू (KGMU) के डॉक्टर रमीज का मामला सबसे पहले महिला आयोग के संज्ञान में आया था, जिसके बाद तत्काल कार्रवाई शुरू की गई। जांच के दौरान यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि रमीज के संपर्क में 17 अन्य हिंदू लड़कियां भी थीं, जिन्हें वह कथित तौर पर अपना निशाना बना रहा था।
इतना ही नहीं, यह भी पता चला है कि आरोपी ने पहले भी एक हिंदू युवती से विवाह कर उसका जबरन धर्मांतरण कराया था। आयोग के अनुसार, रमीज के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी हो चुका है और उस पर इनाम भी घोषित किया गया है।
उत्तराखंड पुलिस से माँगा सहयोग
चूंकि आरोपी मूल रूप से उत्तराखंड के खटीमा का रहने वाला है, इसलिए अपर्णा यादव ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र लिखकर सहयोग माँगा है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि जल्द ही आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होगा और उसे अपने किए की सजा भुगतनी होगी।