47 साल पुराने 'संभल नरसंहार' पर बनेगी फिल्म, डायरेक्टर को मिली 'बम से उड़ाने' की धमकी, 184 की गई थी जान, 25 हिन्दुओं को जलाया था जिंदा

https://admin.thefrontfaceindia.in/uploads/387368757_sambhal_files.jpg

आगरा/संभल उत्तर प्रदेश के संभल में 47 साल पहले हुए भयावह सांप्रदायिक दंगों की दर्दनाक कहानी अब बड़े पर्दे पर आने को तैयार है। 1978 के उस नरसंहार पर आधारित फिल्म 'संभल फाइल्स' का निर्माण किया जा रहा है, जिसका बजट लगभग 50 करोड़ रुपये बताया जा रहा है। इस फिल्म का निर्देशन चर्चित फिल्म निर्माता अमित जानी कर रहे हैं, जिन्होंने दावा किया है कि इस प्रोजेक्ट के चलते उन्हें जान से मारने और 'बम से उड़ाने' की धमकी मिली है।

इतिहास के भूले पन्ने खोलेगी 'संभल फाइल्स'

वर्ष 1978 में संभल शहर ने जो त्रासदी झेली थी, उसमें आधिकारिक तौर पर 184 लोगों की जान चली गई थी। रिपोर्ट्स बताती हैं कि दंगे इतने क्रूर थे कि मुरारीलाल की फड़ पर 25 हिंदुओं को जिंदा जला दिया गया था। इन दंगों के चलते भयभीत हिंदू परिवारों को संभल छोड़कर पलायन करने पर मजबूर होना पड़ा था। फिल्म निर्माता अमित जानी का कहना है कि उनकी फिल्म न सिर्फ इस भूले-बिसरे इतिहास को देश के सामने लाएगी, बल्कि यह भी दिखाएगी कि कैसे नफरत की आग में इंसानियत पूरी तरह झुलस गई थी।

धमकी के बावजूद फिल्म बनाने पर अडिग

फिल्म के ऐलान के बाद ही निर्देशक अमित जानी को धमकियां मिलनी शुरू हो गई हैं। उन्होंने मीडिया को बताया कि उन्हें कश्मीर से एक कॉल आया, जिसमें साफ तौर पर कहा गया कि अगर उन्होंने यह फिल्म बनाई तो उन्हें 'बम से उड़ा' दिया जाएगा। फोन करने वाले ने उन्हें बिहार चुनाव से दूरी बनाने की हिदायत भी दी। हालांकि, इन धमकियों के बावजूद अमित जानी अपने प्रोजेक्ट पर डटे हुए हैं।

शूटिंग जल्द शुरू, बड़े स्टार कास्ट का दावा

'संभल फाइल्स' की शूटिंग जल्द ही संभल और रामपुर के आसपास के इलाकों में शुरू होने वाली है, ताकि फिल्म को 'वास्तविक स्पर्श' दिया जा सके। अमित जानी ने बताया कि फिल्म की स्क्रिप्ट पूरी तरह तैयार है, और दिसंबर से इसकी शूटिंग शुरू होगी, जिसका निर्माण कार्य जनवरी २०२६ तक पूरा कर लिया जाएगा।

फिल्म की स्टारकास्ट के बारे में बात करते हुए अमित जानी ने दावा किया कि इसमें सभी बड़े चेहरों को शामिल किया गया है। उन्होंने जल्द ही फिल्म का पोस्टर जारी करने की बात कही है।

'जनता को सच न पता होना दुर्भाग्यपूर्ण'

शूटिंग लोकेशन के चुनाव और संभल में बार-बार आने के सवाल पर अमित जानी ने निराशा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि "हमारे देश के लिए और जनता के लिए ये दुर्भाग्य की बात है कि उन्हें संभल में हुए दंगों के बारे में पता नहीं है। हम उन जगहों पर जाकर लोगों से बात भी कर रहे हैं, लेकिन लोगों को संभल में हुए नरसंहार के बारे में पता ही नहीं है।"

फिल्म निर्माता ने आगे कहा कि उनकी फिल्म एक 'फुल पैकेज' होगी, जो यह बताएगी कि कैसे आज़ादी के समय 55 फीसदी वाली आबादी 85 फीसदी हो गई और वहां के मूल निवासी बाहर जाकर नौकरी करने को मजबूर हैं। उनका मानना है कि 'संभल फाइल्स' उन आंखों को खोलने वाला एक 'विस्फोट' साबित होगी, जो सालों से इस सच से मुंह मोड़ बैठे हैं।

50 करोड़ रुपये के बजट में बन रही यह फिल्म 47 साल पुरानी त्रासदी की कहानी को किस तरह पेश करती है, यह देखना दिलचस्प होगा।

 

इसे भी पढ़ें

Latest News