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यूपी में बड़ा हादसा: महाकुंभ जा रहे बोलेरो की बस की टक्कर, 10 की मौत, 19 घायल, गैस कटर से निकाले गए शव, चूर हो गई बोलेरो

प्रयागराज। प्रयागराज-मिर्जापुर हाईवे पर शुक्रवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसमें बोलेरो और बस की भीषण टक्कर में 10 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 19 लोग घायल हो गए। हादसा मेजा थाना क्षेत्र में हुआ, जब श्रद्धालुओं से भरी बोलेरो सामने से आ रही बस से टकरा गई। मृतक सभी लोग छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से महाकुंभ के लिए आ रहे थे, जबकि घायल बस यात्री मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के रहने वाले थे, जो संगम स्नान के बाद वाराणसी जा रहे थे।


टक्कर इतनी भीषण थी कि श्रद्धालु सड़क पर गिर पड़े


हादसे की भयानकता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बोलेरो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार श्रद्धालु छिटककर सड़क पर जा गिरे। कई लोगों के हाथ-पैर टूट गए और सिर पर गंभीर चोटें आईं। कुछ यात्री बोलेरो में ही फंस गए, जिन्हें निकालने के लिए पुलिस और स्थानीय लोगों को ढाई घंटे तक कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।

 


तेज रफ्तार बनी हादसे की वजह


एसपी यमुनापार विवेक यादव के मुताबिक, बोलेरो की रफ्तार बहुत तेज थी। बस चालक ने जब सामने से आ रही गाड़ी को देखा, तो ब्रेक लगाने की कोशिश की, लेकिन बोलेरो बस से सामने से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बोलेरो पूरी तरह चकनाचूर हो गई। मरने वालों में कोरबा के दर्री और जांजगीर-चांपा जिले के लोग शामिल थे, जो दो परिवारों के सदस्य थे और महाकुंभ में शामिल होने के लिए प्रयागराज आ रहे थे।


हादसे के बाद प्रशासन ने संभाला मोर्चा


हादसे की सूचना मिलते ही कमिश्नर तरुण गाबा और डीएम रविंद्र कुमार मांदड़ मौके पर पहुंचे। घायलों को तुरंत रामनगर सीएचसी में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद सभी को स्वरूप रानी हॉस्पिटल रेफर कर दिया गया।


गैस कटर से काटकर निकाले गए शव


प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर की आवाज सुनकर स्थानीय लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे। बोलेरो इतनी बुरी तरह फंस गई थी कि शवों को बाहर निकालने के लिए पुलिस को गैस कटर का सहारा लेना पड़ा। शवों को निकालने में घंटों लग गए, क्योंकि कुछ शव पूरी तरह दब गए थे।


पहचान के लिए आधार कार्ड का सहारा


मृतकों की पहचान करने के लिए पुलिस को बैग से मिले आधार कार्ड का सहारा लेना पड़ा। पुलिस ने दो शवों की पहचान ईश्वरी प्रसाद जायसवाल और सोमनाथ दरी के रूप में की। अन्य मृतकों के नाम भी बाद में सामने आए।


बस यात्री हादसे के वक्त सो रहे थे


हादसे के वक्त बस में मौजूद अधिकांश यात्री गहरी नींद में थे। बस में सवार श्रद्धालु रोडमल ने बताया कि वह जाग रहा था और बस के केबिन में बैठा था। अचानक एक तेज धमाका हुआ और बस झटके से रुक गई। बोलेरो पूरी तरह बस से टकरा चुकी थी। हादसे के बाद बस में अफरा-तफरी मच गई और लोग एक-दूसरे को बचाने के लिए चिल्लाने लगे।


मृतकों के परिजन प्रयागराज के लिए रवाना


छत्तीसगढ़ के कोरबा कलेक्टर अजीत बंसल ने बताया कि प्रयागराज पुलिस से लगातार संपर्क में हैं। एसपी कोरबा ने वहां की पुलिस से बातचीत की और मृतकों के परिजनों को हादसे की सूचना दी। घरवाले प्रयागराज रवाना हो चुके हैं और वहां पहुंचकर आगे की औपचारिकताएं पूरी करेंगे।


पोस्टमॉर्टम परिजनों के आने के बाद होगा


पोस्टमॉर्टम हाउस में ADM प्रदीप सिंह, CMO डॉक्टर एके तिवारी, डिप्टी CMO डॉ. नवीन गिरि और फोरेंसिक विशेषज्ञ मौजूद थे। CMO ने बताया कि वह सुबह 4 बजे से पोस्टमॉर्टम हाउस में हैं। अब तक 8 शवों को लाया जा चुका है, जबकि 5 शव ट्रैफिक में फंसे हुए थे, जिन्हें लाने का इंतजार किया जा रहा था। सभी शवों को कोल्ड स्टोरेज में रखा गया है और परिजनों के आने के बाद पोस्टमॉर्टम किया जाएगा।


मृतकों की सूची


इस हादसे में जान गंवाने वाले 10 लोगों की पहचान इस प्रकार हुई है:


ईश्वरी जायसवाल (कोरबा), संतोष सोनी, भागीरथी, सोमनाथ, अजय बंजारे, सौरभ सोनी, गंगा दास वर्मा, शिवा राजपूत, दीपक वर्मा, राजू साहू


बस यात्रियों को सुरक्षित उनके राज्य भेजने की तैयारी


प्रशासन ने बस सवार घायलों को रामनगर CHC में प्राथमिक इलाज के लिए रोका है। प्रशासन उनकी मध्य प्रदेश वापसी की व्यवस्था कर रहा है ताकि वे सुरक्षित अपने घर लौट सकें।

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