नई दिल्ली। लोकसभा में बुधवार को वक्फ संशोधन बिल पर चर्चा के दौरान समाजवादी पार्टी (SP) के प्रमुख अखिलेश यादव और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बीच दिलचस्प नोकझोंक देखने को मिली। अखिलेश ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) में राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव में हो रही देरी को लेकर तंज कसते हुए कहा, "जो पार्टी खुद को दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बताती है, वह अभी तक यह तय नहीं कर पाई कि उसका अध्यक्ष कौन होगा।"
अखिलेश यादव की इस टिप्पणी पर गृह मंत्री अमित शाह अपनी सीट से उठे और हंसते हुए जवाब दिया, "सामने जितनी पार्टियां हैं, उनमें अध्यक्ष चुनने के लिए सिर्फ पांच लोगों की जरूरत होती है—परिवार के। लेकिन हमारी पार्टी में करोड़ों कार्यकर्ता हैं, इसलिए समय लगना स्वाभाविक है।" उन्होंने आगे चुटकी लेते हुए कहा, "आपके यहां तो इसमें जरा भी देर नहीं लगेगी। मैं तो कहता हूं कि आप 25 साल तक अध्यक्ष बने रहिए।"
अमित शाह के इस जवाब के बाद अखिलेश यादव ने भी मजाकिया लहजे में कहा, "हाल ही में जो नागपुर की यात्रा हुई है और सोशल मीडिया पर गुपचुप चर्चाएं हो रही हैं, वह कहीं 75 साल के एक्सटेंशन की यात्रा तो नहीं थी?" उनका यह बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 30 मार्च को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के कार्यक्रम में नागपुर यात्रा को लेकर था।
स्पीकर ने वक्फ मुद्दे पर लौटने को कहा
अखिलेश यादव ने चर्चा के दौरान वक्फ संशोधन बिल से हटकर महाकुंभ, नोटबंदी, महंगाई, गंगा सफाई और किसानों की समस्याओं पर बात करनी शुरू कर दी। जब वह इन मुद्दों पर करीब पांच मिनट तक बोलते रहे, तो लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने उन्हें टोकते हुए कहा, "अखिलेश जी, वक्फ के मुद्दे पर भी आ जाइए।"