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गौशाला पर विवादित बयान देकर बुरे फंसे अखिलेश, भाजपा ने सपा के खिलाफ खोल दिया मोर्चा, बनाई यह रणनीति

लखनऊ। यूपी की सियासत में गौशाला और गायों को लेकर बहस तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव के हालिया बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अखिलेश यादव ने कन्नौज में एक सभा के दौरान कहा था कि भाजपा वाले "दुर्गंध पसंद करते हैं, इसलिए गौशालाएं बना रहे हैं," जबकि उनकी सरकार "सुगंध" पसंद कर रही थी और इसलिए इत्र पार्क का निर्माण कर रही थी। इस बयान पर भाजपा ने आपत्ति जताई है और प्रदेश के विभिन्न जिलों में अखिलेश के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। भाजपा के अंदरूनी सूत्रों की मानें तो वाराणसी से लेकर लखनऊ तक अखिलेश को घेरने की तैयारी भारतीय जनता पार्टी कर रही है। भाजपा ने अखिलेश के इस बयान को भारतीय संस्कृति व परंपरा का अपमान बताया है।

 


भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी ने अखिलेश यादव के बयान को हिंदू आस्था और भारतीय परंपराओं पर हमला बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय दर्शन में "सर्व भूमि गोपाल की" की अवधारणा निहित है, जो पूरे विश्व को भगवान गोपालक कृष्ण की भूमि मानती है। चौधरी के अनुसार, अखिलेश यादव अगर अपने पूर्वजों की परंपराओं को समझते, तो गौशालाओं को लेकर इस तरह की टिप्पणी नहीं करते।


उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि भारत में कई राजनीतिक दल मुस्लिम तुष्टिकरण की होड़ में लगे हैं और इसके लिए वे सनातन धर्म, भारतीय महानायकों और परंपराओं का अपमान कर रहे हैं। इसी कड़ी में अखिलेश यादव ने गौशालाओं पर टिप्पणी की, जो करोड़ों हिंदुओं की आस्था पर सीधा प्रहार है। चौधरी ने कहा कि यादव समुदाय गोपालक परंपरा से जुड़ा हुआ है, और अखिलेश ने अपने ही समुदाय का अपमान किया है।


भाजपा का रणनीतिक जवाब: यादव समुदाय को किया सक्रिय


भाजपा सूत्रों के मुताबिक, भाजपा ने इस मुद्दे पर सपा को घेरने के लिए यादव समुदाय के नेताओं को आगे किया है। भाजपा नेता और एमएलसी सुभाष यदुवंश इस अभियान की अगुवाई कर रहे हैं। उनका कहना है कि अखिलेश यादव की टिप्पणी यादव समाज का अपमान है, क्योंकि यह समुदाय पीढ़ियों से गायों का पालन-पोषण करता आया है और गौशालाएं संचालित करता है।


यदुवंश ने सवाल उठाते हुए कहा, "एक यादव होकर अखिलेश यादव गौशालाओं को लेकर ऐसी टिप्पणी कैसे कर सकते हैं?" उन्होंने दावा किया कि भाजपा उन सभी गौशाला मालिकों तक पहुंच रही है, जो इस बयान से आहत हैं। इसके साथ ही, पार्टी हिंदू धार्मिक संस्थानों से भी संपर्क कर रही है, जो गौसेवा से जुड़े हैं।

 


पोस्टर वार और विरोध प्रदर्शन की तैयारी


इस पूरे विवाद के बीच लखनऊ समेत वाराणसी में कई पोस्टर लगाए गए हैं, जिनमें अखिलेश यादव से माफी मांगने की मांग की गई है। वहीं इसके अलावा वाराणसी में भी भाजपा संगठनों द्वारा अखिलेश के पुतला दहन का कार्यक्रम चल रहा है। भाजपा का आरोप है कि अखिलेश ने सनातन धर्म और गाय पालने वाले समुदायों का अपमान किया है। पार्टी इस मुद्दे को जनता के बीच ले जाकर सपा के खिलाफ माहौल बनाने की रणनीति पर काम कर रही है।


राजनीतिक प्रभाव: भाजपा की सपा को घेरने की रणनीति


राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा इस विवाद को सपा के खिलाफ एक बड़े अभियान में बदलने की योजना बना रही है। पार्टी इस मुद्दे का इस्तेमाल उन समुदायों से समर्थन जुटाने के लिए कर सकती है, जो गौसेवा और हिंदू धार्मिक आस्थाओं से जुड़े हुए हैं।

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