पटना/सारण: बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले नेता प्रतिपक्ष और राजद नेता तेजस्वी यादव ने राज्य की ताड़ी नीति और शराबबंदी कानून पर बड़ा हमला बोलते हुए एक महत्वपूर्ण चुनावी घोषणा की है। सारण जिले के परसा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए तेजस्वी यादव ने वादा किया कि अगर महागठबंधन की सरकार बनती है, तो ताड़ के पेड़ से निकलने वाले रस 'ताड़ी' पर लगा प्रतिबंध हटा दिया जाएगा और इसे एक उद्योग का दर्जा दिया जाएगा।
ताड़ी से प्रतिबंध हटाने का ऐलान:
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की शराबबंदी नीति (Bihar Prohibition and Excise Act) पूरी तरह विफल है और यह गरीबों तथा दलितों के खिलाफ है। उन्होंने कहा, "बिहार में शराबबंदी का ढोंग चल रहा है। शराब की होम डिलीवरी अमीरों के घर तक हो रही है, जबकि गरीब ताड़ी बेचने वाले जेल भेजे जा रहे हैं।"
उन्होंने घोषणा किया कि हमारी सरकार आई तो ताड़ी पर से बैन हटेगा। ताड़ी बिहार की परंपरा और संस्कृति से जुड़ी है, इसे अपराध बनाना गलत है। तेजस्वी ने तर्क दिया कि ताड़ी को शराबबंदी कानून से बाहर निकालकर इसे एक उद्योग के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे स्थानीय लोगों को रोज़गार मिलेगा।
शराबबंदी कानून पर तीखा हमला:
तेजस्वी यादव ने वर्तमान शराबबंदी कानून को "पाखंडी और दोहरे चरित्र वाली नीति" करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस कानून के कारण सबसे ज्यादा नुकसान गरीब और दलित तबके को हो रहा है, जबकि बड़े शराब माफिया सरकारी संरक्षण में फल-फूल रहे हैं।
'20 महीने में 20 साल का काम' का दावा:
सारण के मढ़हौरा में एक अन्य जनसभा में तेजस्वी ने एनडीए सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि "एनडीए ने २० साल में बिहार का जो हाल किया, हम २० महीने में सुधार देंगे।" उन्होंने बिहार की जनता से अपील किया कि वे ऐसे नेता को चुनें जो सिर्फ भाषण नहीं, बल्कि समस्याओं का समाधान दे और बिहार के भविष्य के लिए महागठबंधन को मौका दे।
कानून व्यवस्था और सरकारी नौकरी का वादा:
तेजस्वी यादव ने नीतीश सरकार को कानून व्यवस्था के मुद्दे पर भी घेरा। उन्होंने कहा कि राज्य में हत्या, लूट और अपहरण की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन मुख्यमंत्री असंवेदनशील बने हुए हैं।
अपने पुराने और मुख्य चुनावी वादे को दोहराते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि अगर महागठबंधन सत्ता में आता है, तो हर परिवार को एक सरकारी नौकरी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि बिहार के लोग बेरोजगारी, महंगाई और पलायन से तंग आ चुके हैं, और अब समय आ गया है ऐसी सरकार का, जो 'पढ़ाई, दवाई, कमाई, सिंचाई' की गारंटी दे। यह घोषणाएं बिहार के एक बड़े वर्ग को साधने का प्रयास मानी जा रही हैं।