UP में 22 साल बाद शुरू हुआ SIR, मतदाता सूची अपडेट के लिए BJP ने तैयार किया वॉर रूम, जानिए मतदाताओं के लिए क्या क्या है ज़रूरी...

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उत्तर प्रदेश समेत 11 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में मंगलवार, 4 नवंबर से विशेष गहन पुनरीक्षण’ (Special Intensive Revision – SIR) प्रक्रिया की शुरुआत हो गई है। यह अभियान आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों से पहले मतदाता सूची को अद्यतन करने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। यह प्रक्रिया 4 दिसंबर 2025 तक चलेगी और 7 फरवरी 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।

चुनाव आयोग के इस निर्णय के तहत अब हर जिले और विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूचियों को नए सिरे से जांचा जाएगा। यह अभियान बिहार के बाद दूसरा बड़ा SIR चरण है, जबकि बिहार की प्रक्रिया वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में चल रही है। इस व्यापक पुनरीक्षण का उद्देश्य मतदाता सूची से अवैध या दोहराए गए नाम हटाना, नए योग्य मतदाताओं को शामिल करना और मौजूदा विवरणों को सटीक बनाना है।

BLO करेंगे घर-घर सर्वे, फॉर्म में भरनी होंगी ये जानकारी
इस प्रक्रिया में बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क करेंगे। वे प्रत्येक मतदाता को गणना फॉर्म की दो प्रतियां देंगे। मतदाता को अपनी सभी जानकारी भरकर एक प्रति BLO को वापस देनी होगी।
फॉर्म में जिन जानकारियों की आवश्यकता होगी, उनमें शामिल हैं

·         मतदाता का पूरा नाम

·         EPIC (इलेक्टर फोटो आइडेंटिटी कार्ड) नंबर

·         जन्मतिथि (दिन/माह/वर्ष)

·         सक्रिय मोबाइल नंबर

·         माता-पिता या अभिभावक का नाम

·         विवाहित होने पर पति या पत्नी का नाम और उनका EPIC नंबर

·         फोटो अपडेट (वैकल्पिक रूप से नवीनतम पासपोर्ट साइज फोटो)

मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि इस प्रक्रिया के तहत पूरे प्रदेश में करोड़ों मतदाताओं के रिकॉर्ड की समीक्षा की जाएगी। मतदाता चाहे तो BLO को अपनी नई फोटो भी दे सकता है ताकि पहचान पत्र पर अपडेट किया जा सके।

22 साल बाद फिर हो रहा SIR अभियान
उत्तर प्रदेश में यह SIR प्रक्रिया पूरे 22 साल बाद लागू की जा रही है। चुनाव आयोग के निर्देश पर इस बार पुनरीक्षण को तकनीकी रूप से अधिक सटीक और पारदर्शी बनाने की तैयारी की गई है। अधिकारियों का कहना है कि इस बार मतदाता सूची में किसी भी त्रुटि की संभावना को न्यूनतम रखने का लक्ष्य रखा गया है।

SIR को लेकर BJP का सियासी फोकस
चुनावी दृष्टि से SIR प्रक्रिया को बेहद अहम मानते हुए भारतीय जनता पार्टी ने इसे अपने संगठनात्मक अभियान के रूप में भी देखा है। पार्टी ने प्रदेश के छह क्षेत्रों अवध, काशी, पश्चिम, ब्रज, गोरखपुर और कानपुर में क्षेत्रीय संयोजक नियुक्त किए हैं। इसके साथ ही प्रत्येक क्षेत्र में वॉर रूमभी बनाया गया है, जहां से दैनिक रिपोर्टिंग और मॉनिटरिंग की जाएगी।

निर्देश दिए गए हैं कि संयोजक प्रतिदिन वॉर रूम में मौजूद रहेंगे, अपने-अपने जिलों के विधानसभा संयोजकों से रिपोर्ट लेंगे और यह भी जांच करेंगे कि किन पदाधिकारियों ने बूथ स्तर पर विजिट नहीं की है। इसके बाद यह जानकारी प्रदेश मुख्यालय को भेजी जाएगी।

पार्टी सूत्रों का कहना है कि इस अभियान के ज़रिए न केवल मतदाता सूची के अद्यतन पर नज़र रखी जाएगी, बल्कि बूथ प्रबंधन को भी मज़बूती दी जाएगी। बीजेपी का मानना है कि मतदाता सूची का सही और व्यापक पुनरीक्षण आने वाले चुनावों में संगठनात्मक बढ़त दिलाने में सहायक साबित होगा।

अंतिम चरण की रूपरेखा
SIR
प्रक्रिया की समाप्ति के बाद 7 फरवरी 2026 को नई मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। तब तक मतदाता पहचान पत्रों के अद्यतन, स्थानांतरण और सुधार की प्रक्रिया भी पूरी कर ली जाएगी। चुनाव आयोग ने सभी राज्यों से कहा है कि इस पुनरीक्षण के दौरान किसी भी नागरिक का नाम छूटे नहीं और सभी योग्य मतदाताओं को सूची में शामिल किया जाए।

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