कॉलोनाइजर हत्याकांड: AI नव सुलझाई मर्डर मिस्ट्री, मुठभेड़ के बाद पुलिस के हत्थे चढ़ा 1 लाख का इनामी शूटर, फरार साथी पुलिस के रडार पर

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वाराणसी। सारनाथ थाना क्षेत्र में कॉलोनाइजर महेंद्र गौतम की हत्या से जुड़े बहुचर्चित मामले में पुलिस को अहम सफलता हाथ लगी है। शनिवार देर रात सराय मोहना इलाके में पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने मुठभेड़ के दौरान एक लाख रुपये के इनामी बदमाश अरविंद यादव उर्फ फौजी उर्फ कल्लू यादव को गिरफ्तार कर लिया। जवाबी फायरिंग में आरोपी के दाहिने पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

 

डीसीपी वरुणा प्रमोद कुमार ने बताया कि पकड़ा गया आरोपी असम के तेजपुर में भारतीय सेना की सिग्नल कोर यूनिट में तैनात बताया जा रहा है। उसके सैन्य दस्तावेजों और पहचान से जुड़ी जानकारी की गहन जांच की जा रही है। साथ ही आरोपी को सेना से बर्खास्त कराने की प्रक्रिया के लिए संबंधित विभाग को पत्राचार किया जा रहा है।

 

घेराबंदी के दौरान हुई मुठभेड़

 

पुलिस को खुफिया सूचना मिली थी कि हत्या में शामिल शूटर सराय मोहना इलाके में छिपा है और फरार होने की योजना बना रहा है। सूचना के आधार पर सारनाथ थाना प्रभारी पंकज त्रिपाठी और क्राइम ब्रांच प्रभारी गौरव सिंह के नेतृत्व में टीम ने इलाके की घेराबंदी की। पुलिस के आत्मसमर्पण की चेतावनी देने पर आरोपी ने फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में वह घायल होकर मौके पर ही दबोच लिया गया।

 

पुराना अपराधी है आरोपी

 

पुलिस के अनुसार अरविंद यादव गाजीपुर जिले के सिमराफैज गांव का मूल निवासी है। पारिवारिक विवाद के बाद वह अपराध के रास्ते पर चला गया और पूर्व में भी जेल जा चुका है। उसके खिलाफ विभिन्न थानों में कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। मुठभेड़ के दौरान उसका एक साथी अंधेरे का लाभ उठाकर भाग निकला, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। आरोपी के पास से दो अवैध हथियार और कारतूस भी बरामद हुए हैं।

 

सुपारी लेकर की गई थी हत्या

 

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि हत्या में प्रयुक्त असलहे पहले से गिरफ्तार बिहार के मुंगेर निवासी मोहम्मद मुकीम ने उपलब्ध कराए थे। इस वारदात में गाजीपुर के करंडा थाना क्षेत्र के गौरहट निवासी बनारसी यादव और विशाल की भी भूमिका सामने आई है। पुलिस के मुताबिक 21 अगस्त 2025 की सुबह चंदन शुक्ला ने महेंद्र गौतम की रेकी कर शूटरों को उनकी लोकेशन दी थी, जिसके बाद कार्यालय जाते समय गोली मारकर हत्या कर दी गई।

 

मुंबई तक जुड़े तार, एआई से खुला राज

 

जांच में यह भी सामने आया है कि गाजीपुर निवासी और मुंबई का प्रॉपर्टी कारोबारी योगेंद्र यादव उर्फ फैंटू कोविड काल में सारनाथ आकर रहने लगा था। इसी दौरान उसका महेंद्र गौतम से संपर्क हुआ और बाद में उसी ने हत्या की सुपारी दी। पुलिस ने एआई तकनीक की मदद से शूटरों की पहचान और वारदात में इस्तेमाल बाइक का पता लगाया, जो गाजीपुर में हुई एक बड़ी लूट में भी इस्तेमाल हो चुकी थी। इस मामले में पहले ही मुख्य साजिशकर्ता समेत कई आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है।

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