जिम की आड़ में लड़कियों के अश्लील वीडियो के मास्टरमाइंड इमरान खान को दिल्ली एयरपोर्ट पर दबोचा, दुबई भागने की फिराक में था 25 हजारी इनामी, अब जेल में कटेगी रातें

https://admin.thefrontfaceindia.in/uploads/184898600_mirzapur-gym-blackmail-conversion-racket-arrest.jpg

मिर्जापुर/नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में धर्मांतरण, यौन शोषण और ब्लैकमेलिंग के सनसनीखेज रैकेट का खुलासा होने के बाद फरार चल रहे मुख्य सरगना इमरान खान को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से गिरफ्तार कर लिया गया है। इमरान, जिस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था, अपनी पत्नी और बच्चों के साथ दुबई भागने की कोशिश कर रहा था। इमिग्रेशन टीम ने लुक आउट सर्कुलर (LOC) के आधार पर उसे हिरासत में लेकर यूपी पुलिस के हवाले कर दिया है।

 

पुलिस जांच में सामने आया है कि केजीएन (KGN) ग्रुप का संचालक इमरान खान बेहद ऐशो-आराम की जिंदगी जीने का आदी था। उसकी विदेश यात्राओं का लंबा रिकॉर्ड है। वह हर साल अपनी शादी की सालगिरह मनाने के लिए पत्नी के साथ दुबई जाया करता था। इस बार भी उसने गिरफ्तारी से बचने के लिए एक सोची-समझी चाल चली। वह 22 जनवरी को लखनऊ से विमान के जरिए दिल्ली पहुंचा और शुक्रवार रात दुबई की फ्लाइट पकड़ने वाला था, लेकिन एयरपोर्ट पर मौजूद इमिग्रेशन अधिकारियों ने उसकी योजना को विफल कर दिया।

 

जिम की आड़ में 'धर्मांतरण और ब्लैकमेलिंग' का काला खेल

 

मिर्जापुर के डीआईजी सोमेन बर्मा के मुताबिक, यह पूरा गिरोह 'केजीएन जिम' की सीरीज के माध्यम से अपना जाल फैलाता था। इमरान खान इस साम्राज्य का मुख्य सूत्रधार था।

 

·         प्रेम जाल और शोषण: जिम में आने वाली महिलाओं और युवतियों को पहले जिम ट्रेनर्स अपने विश्वास में लेते थे। इसके बाद उनसे दोस्ती और प्रेम का नाटक कर उनका यौन शोषण किया जाता था।

 

·         अश्लील वीडियो का हथियार: गिरोह की कार्यप्रणाली यह थी कि वे पीड़िताओं के निजी वीडियो बना लेते थे और फिर उन्हें वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करते थे।

 

·         धर्मांतरण का दबाव: पीड़िताओं का आरोप है कि उन्हें न केवल आर्थिक रूप से लूटा गया, बल्कि अपनी आस्था बदलने (धर्मांतरण) के लिए भी मजबूर किया गया। विरोध करने पर जान से मारने की धमकियां दी जाती थीं।

 

अब तक की बड़ी कार्रवाई: 7 गिरफ्तार, 5 जिम सीज

 

इस मामले में पुलिस अब तक एक सिपाही समेत सात लोगों को सलाखों के पीछे भेज चुकी है। गिरफ्तार आरोपियों में जहीर, शादाब, मोहम्मद शेख, फैजल, कांस्टेबल इरशाद और फरीद शामिल हैं। इमरान का भाई जहीर और उसका एक अन्य साथी लकी खान भी इस संगठित नेटवर्क के अहम हिस्से थे। पुलिस ने मिर्जापुर में संचालित होने वाले KGN-1, 2, 3 और 'बी-फिट' जैसे कुल पांच जिमों को सील कर दिया है।

 

पुलिस मुठभेड़ और फरीद की गिरफ्तारी

 

इमरान की गिरफ्तारी से पहले मिर्जापुर के बरकछा इलाके में पुलिस और आरोपी फरीद के बीच मुठभेड़ हुई थी। फरीद ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर भागने की कोशिश की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी। उसके पास से दो अवैध तमंचे बरामद किए गए हैं।

 

राजनीतिक हलचल और सख्त संदेश

 

मिर्जापुर के इस मामले ने पूरे उत्तर प्रदेश में हड़कंप मचा दिया है। भाजपा विधायक रत्नाकर मिश्रा ने इस घटना को समाज के लिए कलंक बताया और दोषियों को ऐसी सजा दिलाने की मांग की है जो मिसाल बने। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वे पीड़िताओं के बयान, बैंक लेन-देन के रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर चार्जशीट तैयार कर रहे हैं ताकि आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा मिल सके।

 

"कानून व्यवस्था और बेटियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के लिए कोई जगह नहीं है। इमरान खान की गिरफ्तारी एक बड़ी सफलता है, और जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग भी पकड़े जाएंगे।" - सोमेन बर्मा, डीआईजी, मिर्जापुर

 

फिलहाल, पुलिस इमरान के दूसरे साथी लकी खान की तलाश में जगह-जगह दबिश दे रही है। इमरान से पूछताछ में कई और सफेदपोश चेहरों और बड़े वित्तीय लेन-देन के खुलासे होने की उम्मीद है।

इसे भी पढ़ें

Latest News