लखनऊ (उत्तर प्रदेश) । राजधानी के पारा थाना क्षेत्र में सोशल मीडिया के जानलेवा जाल ने एक 16 वर्षीय किशोरी की जान ले ली। इंस्टाग्राम पर शुरू हुई दोस्ती का अंत बेहद खौफनाक रहा, जहाँ शादी का झांसा देकर एक नाबालिग लड़की की बेरहमी से हत्या कर दी गई और साक्ष्य छिपाने के लिए उसके शव को रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया गया। पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले का पर्दाफाश करते हुए मुख्य आरोपी सहित चार लोगों को सलाखों के पीछे भेज दिया है।
लापता होने के बाद रेलवे ट्रैक पर मिला शव
नरपत खेड़ा डूडा कॉलोनी की निवासी शीतल (परिवर्तित नाम) बीते 13 जनवरी की शाम घर से संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हो गई थी। परिजनों की लंबी तलाश के बाद जब उसका कहीं पता नहीं चला, तो पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। कुछ दिनों बाद पुलिस को रेलवे ट्रैक पर एक किशोरी का शव बरामद हुआ, जिसकी पहचान शीतल के रूप में हुई। मृतका की मां की तहरीर पर पुलिस ने तत्काल जांच की कमान संभाली।
डिजिटल दोस्ती और साज़िश का पर्दाफाश
जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि शीतल की मुलाकात इंस्टाग्राम के जरिए काकोरी निवासी अंशू गौतम उर्फ लक्की से हुई थी। लक्की ने उसे प्रेम जाल में फंसाकर शादी का वादा किया था। पुलिस के अनुसार, वारदात वाले दिन आपसी विवाद के बाद लक्की ने अपने तीन साथियों आशिक, वैभव और रिशू के साथ मिलकर शीतल की गला घोंटकर हत्या कर दी। पहचान मिटाने और इसे आत्महत्या का रूप देने के उद्देश्य से शव को रेलवे लाइन पर फेंक दिया गया।
पुलिस की कार्रवाई और पॉक्सो एक्ट
इंस्पेक्टर सुरेश सिंह के नेतृत्व वाली टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर घेराबंदी कर चारों आरोपियों को दबोच लिया। चूंकि मृतका नाबालिग थी, इसलिए पुलिस ने हत्या की धाराओं के साथ-साथ पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत भी मुकदमा दर्ज किया है।
परिजनों का आक्रोश: "हत्यारों को फांसी मिले"
आरोपियों की गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही मृतका के परिजन और बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाएं पारा थाने पहुँच गईं। थाने का घेराव करते हुए परिजनों ने आरोपियों के लिए फांसी की सजा की मांग की। करीब 20 मिनट तक थाने में भारी तनाव और गहमागहमी का माहौल रहा, जहाँ महिलाएं पुलिस अधिकारियों के सामने न्याय की गुहार लगाती दिखीं। पुलिस ने उचित कानूनी कार्रवाई का आश्वासन देकर प्रदर्शनकारियों को शांत कराया।