वाराणसी। सेंट्रल बार एसोसिएशन के पूर्व उपाध्यक्ष राजा आनंद ज्योति सिंह की रहस्यमय मौत का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। सोमवार को मृतक की पत्नी भारती सिंह और पिता उमेश सिंह ने पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल से मुलाकात कर गंभीर आरोप लगाए। भारती सिंह ने दावा किया कि कफ सिरप घोटाले का सरगना शुभम जायसवाल और उसके सहयोगी अमित सिंह टाटा ने उनके पति को कॉफी में ज़हर मिलाकर मौत के घाट उतार दिया। इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कमिश्नर ने मामले की दोबारा उच्चस्तरीय जांच के आदेश जारी किए हैं।
जांच की जिम्मेदारी वरुणापार के एडीसीपी को सौंपी गई है। वहीं फॉरेंसिक टीम मृतक के बिसरा की दोबारा जांच करेगी। पुलिस कमिश्नर ने कहा कि यदि दोबारा जांच में विषाक्त पदार्थ मिलने की पुष्टि होती है तो हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
शुभम पर रेड कॉर्नर नोटिस की प्रक्रिया शुरू
कफ सिरप मामले का मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल फिलहाल देश से बाहर है। उसे भारत वापस लाने के लिए पुलिस ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रत्यर्पण के लिए आवश्यक दस्तावेज तैयार किए जा रहे हैं। शुभम के पिता भोला जायसवाल, जो पहले से गिरफ्तार हैं, को भी रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी ताकि हत्या और कफ सिरप कांड दोनों प्रकरणों की कड़ियां जोड़ी जा सकें।
साक्ष्य न देने वाले केमिस्टों पर होगी कार्रवाई
एसआईटी भी अपने स्तर से कफ सिरप नेटवर्क की छानबीन कर रही है। टीम ने जिन केमिस्टों को नोटिस जारी कर सप्लाई से जुड़े साक्ष्य मांगे थे, उनमें कई ने अभी तक जानकारी उपलब्ध नहीं कराई है। पुलिस कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि ऐसे केमिस्टों की गिरफ्तारी की जाएगी और उनके कारोबार को लेकर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
संपत्तियों पर भी गिरी गाज
अधिकारियों ने बताया कि मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल सहित इस नेटवर्क से जुड़े सभी आरोपियों की संपत्तियों की जानकारी एकत्र की जा रही है। जिन-जिन जिलों में यह नेटवर्क सक्रिय था, वहां भी जांच तेज कर दी गई है। जल्द ही सभी आरोपियों की संपत्तियां जब्त करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
क्या है पूरा मामला?
मृतक अधिवक्ता की पत्नी ने पहले ही आरोप लगाया था कि राजा आनंद ज्योति सिंह, शुभम और अमित सिंह टाटा के अवैध कारोबार से जुड़े रहस्यों का खुलासा करने वाले थे। इसी आशंका में उन्हें पार्टी के बहाने बुलाकर ज़हर दिया गया। चौबेपुर थाने में मुकदमा दर्ज तो हुआ, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जहर की पुष्टि न होने से आरोपियों पर आगे कार्रवाई नहीं हो सकी थी। अब दोबारा जांच शुरू होने के बाद इस प्रकरण से जुड़े कई नए तथ्य सामने आने की उम्मीद है।