खुद को ‘मृत’ दिखाने के लिए हत्या करा कर जलाया था युवक का शव, यूपी STF ने पूर्व पैरा कमांडो आगरा से दबोचा, एक साल से तलाश

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आगरा में उत्तर प्रदेश एसटीएफ की आगरा यूनिट ने एक ऐसी सनसनीखेज साजिश का पर्दाफाश किया है, जिसने पुलिस तंत्र को भी चौंका दिया। टीम ने पूर्व फौजी और पैरा कमांडो रह चुके हुसन सिंह को गिरफ्तार किया है, जिसके सिर पर मध्य प्रदेश पुलिस ने 30 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। यह आरोपी पिछले कई महीनों से कानून की आंखों में धूल झोंककर फरार चल रहा था और खुद को मृत दिखाने के लिए एक युवक की हत्या कर उसका शव जला देने की साजिश रच चुका था।

 

एसटीएफ अधिकारियों ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी तब संभव हुई जब उसके करीबी दोस्त गणेश शर्मा को मध्य प्रदेश पुलिस ने पकड़ लिया। मित्र की गिरफ्तारी के दौरान पूछताछ में जो खुलासा हुआ, उससे हुसन सिंह की भयावह योजना सामने आ गई। गहन छानबीन के बाद एसटीएफ ने उसे गिरफ्तार कर आगरा के अछनेरा थाने में दर्ज एक पुराने केस में दाखिल कर दिया है। साथ ही मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले की पुलिस को भी आरोपी की गिरफ्तारी की सूचना भेज दी गई है।

 

खुला था हत्या का राज


एसटीएफ प्रभारी निरीक्षक यतींद्र शर्मा ने बताया कि अछनेरा क्षेत्र के कचौरा गांव का निवासी हुसन सिंह कई वर्षों से पुलिस को चकमा दे रहा था। वर्ष 2024 में मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले में दर्ज एक हत्या मामले में वह मुख्य आरोपी था और तब से फरार चल रहा था। जब पुलिस ने उसके दोस्त गणेश शर्मा को पकड़कर पूछताछ की, तो उसने बताया कि हुसन सिंह ने पुलिस को गुमराह करने के लिए एक युवक की हत्या कर उसे जला दिया था, ताकि उसकी पहचान हुसन सिंहके रूप में हो सके और पुलिस उसे मृत मान ले।

 

पूछताछ में यह भी सामने आया कि हत्या के बाद आरोपी मुंबई भाग गया था। आगरा में सैनिक नगर, राजपुर चुंगी क्षेत्र में उसका घर होने के कारण मध्य प्रदेश पुलिस ने यूपी एसटीएफ से सहायता मांगी थी।

 

आगरा में कई मामलों का आरोपी


सूचना मिलने पर एसटीएफ ने जाल बिछाया और शक की दिशा में पड़ताल आगे बढ़ाई। जांच में सामने आया कि हुसन सिंह के खिलाफ आगरा में पहले से ही लूट, मारपीट, अपहरण, बंधक बनाना और गैंगस्टर एक्ट समेत कुल 7 मुकदमे दर्ज हैं। इन मामलों से बचने के लिए ही उसने अपनी झूठी मौतकी पटकथा तैयार की थी।

 

ऐसे रची मौत की कहानी


एसटीएफ गिरफ्त में आने के बाद आरोपी ने स्वीकार किया कि पुलिस की पकड़ से बचने के लिए उसने खुद को मृत साबित करने का षड्यंत्र रचा था। मध्य प्रदेश के बुरहानपुर में वह एक दोस्त के पास गया, जहां नशे में हुए विवाद के दौरान एक युवक की मौत हो गई। उसी मौके का फायदा उठाकर आरोपी ने उस युवक का शव जला दिया और उसके पास अपना पहचान पत्र छोड़ दिया था, ताकि पुलिस उस जले हुए शव को उसका समझकर केस बंद कर दे।

 

एसटीएफ ने हुसन सिंह को अछनेरा थाना क्षेत्र में 2020 में दर्ज मुकदमे में दाखिल किया है। अब आगे की कानूनी प्रक्रिया कोर्ट की अनुमति के बाद मध्य प्रदेश पुलिस करेगी।

 

आगरा में पहले भी सामने आ चुका है ऐसा मामला


यह कोई पहली बार नहीं है जब खुद को मृत दिखाने के लिए किसी निर्दोष की जान ली गई हो। आगरा में इसी तरह की एक दिल दहला देने वाली घटना 30 जून 2006 को सामने आई थी, जब नोएडा के कपड़ा व्यापारी विजयपाल ने अपने बेटे अनिल के नाम पर 90 लाख रुपये की बीमा राशि प्राप्त करने के लिए एक भिखारी को जिंदा जलवा दिया था। भिखारी को पहले नशीली दवाएं मिलाकर खाना खिलाया गया, फिर उसे अनिल के कपड़े पहनाए गए और कार की सीट पर बैठाकर आग लगा दी गई। यह राज करीब 17 साल बाद उजागर हुआ, जब तक कि आरोपी बीमा की राशि निकाल चुके थे। बाद में पुलिस जांच में विजयपाल, उसके घरवालों और अनिल को दोषी पाया गया और कई लोग जेल भी भेजे गए।

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