चंदौली। जिले के मुगलसराय थाना क्षेत्र में जीटी रोड के किनारे स्थित बहुमूल्य कन्हैया टॉकीज की जमीन को लेकर हुए विवाद ने आखिरकार एक दवा कारोबारी की जान ले ली थी। करीब एक सप्ताह तक चली जांच के बाद पुलिस ने इस हत्याकांड में शामिल तीन प्रमुख साजिशकर्ताओं को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा कर दिया है। पुलिस ने आसपास लगे करीब 300 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालकर आरोपियों तक पहुंचने का रास्ता तैयार किया। गिरफ्तारी के बाद तीनों आरोपियों ने पूछताछ में हत्या की योजना में अपनी भूमिका स्वीकार कर ली है।
मंगलवार को पुलिस लाइन सभागार में पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे ने पूरे प्रकरण की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि घटना के तुरंत बाद स्वाट व सर्विलांस टीमों को सक्रिय कर तकनीकी व मैदानी स्तर पर साक्ष्य जुटाने शुरू किए गए। फुटेज की बारीकी से जांच करते हुए पुलिस ने संदेह के दायरे को सीमित किया और फिर एक-एक कर साजिशकर्ताओं के नाम सामने आने लगे।
जांच में यह सामने आया कि जमीन पर कब्जे की मंशा से हत्या की साजिश रची गई थी। इस सिलसिले में पुलिस ने मुगलसराय के लाट नंबर-2 निवासी ओमप्रकाश जायसवाल, गल्ला मंडी चौराहा निवासी मनोज कुमार जायसवाल और वाराणसी के नदेसर स्थित दीप अपार्टमेंट, फ्लैट नंबर-1 के रहने वाले भानू जायसवाल को हिरासत में लिया। पूछताछ में तीनों ने जमीन हड़पने की नीयत से दवा कारोबारी रोहिताश पाल की हत्या की योजना बनाने की बात कबूल कर ली। फिलहाल शूटरों की तलाश तेज कर दी गई है और पुलिस ने जल्द गिरफ्तारी का दावा भी किया है। इस उद्देश्य से कुल 9 विशेष टीमें गठित की गई हैं।
पुलिस के मुताबिक तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन और फुटेज के आधार पर अब हत्याकांड की कड़ी दर कड़ी जोड़ ली गई है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही वारदात को अंजाम देने वाले शूटर भी गिरफ्त में होंगे, जिससे पूरा घटनाक्रम स्पष्ट हो सकेगा।