लखनऊ। राजधानी के बीकेटी थाना क्षेत्र में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक 14 वर्षीय नाबालिग के साथ घर में घुसकर दुष्कर्म किए जाने का मामला दर्ज हुआ है। इस घिनौनी वारदात के तुरंत बाद किशोरी के परिजनों ने आरोपी को मौके पर ही धर दबोचा और पीट-पीटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। आरोपी को पुलिस की निगरानी में इलाज के लिए ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने पीड़िता के परिवार की शिकायत पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की गहन जाँच शुरू कर दी है।
आधी रात घर में घुसकर की दरिंदगी
किशोरी के परिजनों द्वारा पुलिस को दी गई तहरीर के अनुसार, शनिवार देर रात लगभग डेढ़ बजे 55 वर्षीय अजय सिंह उर्फ सोनू किशोरी के घर में अवैध रूप से घुस गया। आरोपी ने घर के बरामदे में सो रही किशोरी के साथ पहले छेड़छाड़ की। जब किशोरी ने इसका विरोध किया, तो आरोपी ने उसे शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया, गला दबाकर जान से मारने की कोशिश की, और फिर उसके साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। किशोरी के चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनकर परिवार के सदस्य जाग गए।
परिजनों ने आरोपी को पीटा, छत से कूदा
जागने पर परिजनों ने आरोपी को रंगे हाथ पकड़ा और आक्रोशित होकर लाठी-डंडों से उसकी जमकर पिटाई कर दी, जिससे वह बुरी तरह जख्मी हो गया। अपनी जान बचाने के लिए आरोपी छत पर चढ़ा और वहाँ से कूद गया। वह नीचे गलियारे में खड़े एक ई-रिक्शे पर जा गिरा, जिससे उसकी चोटें और गंभीर हो गईं। घटना की सूचना मिलने पर बीकेटी पुलिस मौके पर पहुँची और गंभीर रूप से घायल आरोपी को तत्काल संयुक्त चिकित्सालय भेजा, जहाँ से उसे बेहतर इलाज के लिए ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया।
पुरानी रंजिश का आरोप लगाकर आरोपी पक्ष ने भी दी तहरीर
वहीं, दूसरी ओर आरोपी अजय सिंह के भाई जितेंद्र ने बीकेटी थाने में एक अलग तहरीर दी है। उसने आरोप लगाया है कि पुरानी दुश्मनी के चलते किशोरी के परिवार वालों ने घात लगाकर अजय सिंह को घेर लिया और लाठी-डंडों से पीटकर उसे अधमरा कर दिया। उसका दावा है कि पिटाई के बाद उसे खून से लथपथ हालत में गाँव के बाहर गलियारे में फेंक दिया गया था।
एसीपी बीकेटी ज्ञानेंद्र सिंह ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि किशोरी की चाची की शिकायत पर मुख्य आरोपी अजय सिंह के खिलाफ दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट और एससी/एसटी एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आरोपी का इलाज पुलिस अभिरक्षा में जारी है और मामले की जाँच प्राथमिकता के आधार पर की जा रही है।